इस्कॉन मंदिर के मीडिया प्रभारी रविलोचन दास ने बताया कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की तैयारियां मंदिर में जोरों पर हैं। ठाकुरजी के मध्य रात्रि को अभिषेक के बाद 56 प्रकार के व्यंजनों के भोग लगाए जाएंगे। विदेश भक्तों द्वारा 100 किलो का खोआ का केक बनाया जाएगा। सभी प्रकार के भोग और केक मंदिर की रसोई में ही दीक्षित भक्तों द्वारा तैयार किया जाएगा। इसके अलावा दो हजार से अधिक भक्तों के लिए प्रसाद भी बनाया जाएगा।
प्रेम मंदिर के व्यवस्थापक अजय त्रिपाठी का कहना है कि सात सितंबर को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की रात को ठाकुरजी का शंखध्वनि के मध्य अभिषेक के बाद 56 प्रकार के व्यंजनों के भोग लगाए जाएंगे। इसके अलावा पंजीरी और पाग के भोग का विशेष महत्व होता है। वहीं मंदिर की रसोई में 200 किलो मुठिया के लड्डू बनाए जा रहे हैं, जो कि भक्तों में बांटे जाएंगे।
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प्राचीन राधारमण मंदिर के सेवायत पदमलोचन गोस्वामी ने बताया कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर ठाकुरजी का विशेष रूप से तिल भोग लगाया जाता है। जोकि सैकड़ों साल पहले आचार्य गोपाल भट़्ट द्वारा श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर तिल भोग की परंपरा शुरू की गई। उसी भोग परंपरा का निर्वाह इस बार भी सात सितंबर को किया जाएगा। मंदिर की रसोई में सफेद दिनों में घी में भूनकर बुरा मिलाकर ठाकुरजी को सेवित किया जाता है। इसके अलावा गोला, मेवा मिलाकर पाग भोग लगाया जाएगा।