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Mathura News: नजदीक से सीधे सिर में मारी थी गोली

Tue, 26 Sep 2023 12:25 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
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- रिफाइनरी हत्याकांड: घायल दाऊजी के पैर में लगी गोली भी नजदीक से मारने का अंदेशा
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- चार आरोपियों पर मुकदमा, तलाश में पुलिस दे रही दबिश
संवाद न्यूज एजेंसी
मथुरा/रिफाइनरी। रिफाइनरी थाना क्षेत्र के खेड़िया-छड़गांव मार्ग पर रविवार रात अंजाम दिए गए हत्याकांड में चार नामजदों पर मुकदमा दर्ज करने के बाद पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है। इधर, मृतक जोगेंद्र उर्फ पहाड़ी के शव का सोमवार को पोस्टमार्टम हुआ। इसमें पता चला है कि गोली काफी नजदीक से सीधे सिर में मारी गई है। चिकित्सकों ने घायल दाऊजी की चोट को देखकर भी नजदीक से गोली मारने की बात कही है। पुलिस बैलेस्टिक जांच करना तय किया है, जिसमें देखा जाएगा कि गोली को किस एंगल से और कितनी दूरी से मारा गया। पुलिस को घटनास्थल से 315 बोर का एक खोखा बरामद हुआ है।
भीमसेन पुत्र विरजो उर्फ विजेंद्र निवासी पिलुआ सादिकपुर ने रिपोर्ट में बताया कि उसका भाई दाऊजी अपने साथी जोगेंद्र उर्फ पहाड़ी पुत्र वीरेंद्र के साथ रिफाइनरी गया था। वहां से रात 8 बजे लौटते वक्त छड़गांव के रास्ते पर एसके मोड़ के पास पहले से घात लगाए बैठे ओमप्रकाश पुत्र स्वः गोपाल, जगदीश पुत्र तारा, सियाराम पुत्र हरिपाल व गांव के ही जहारपाल फौजी के बेटे ने उसके भाई व जोगेंद्र पर हमला कर दिया। गोली लगने से जोगेंद्र उर्फ पहाड़ी की मौके पर मौत हो गई। वहीं, दाऊजी के पैर में गोली लगने से वह घायल है। इस घटना को गांव के योगेंद्र पुत्र पूरन सिंह ने व अन्य लोगों ने देखा है व आरोपियों को पहचाना है।
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पहाड़ी की पत्नी-बच्चों के अपहरण का लगाया था आरोप
2019 में इसी गांव के गोपाल की हत्या हुई थी, जिसमें पहाड़ी, दाऊजी, भीमसेन, अंकित, हरिचंद, भूदेव पर मुकदमा दर्ज हुआ। सभी आरोपी जेल भेजे गए। पहाड़ी को उसकी पत्नी और बच्चे छोड़कर चले गए थे, जिनका कोई पता नहीं लग सका है। छह माह पहले दाऊजी ने गोपाल पक्ष के लोगों पर पहाड़ी की पत्नी और बच्चों के अपहरण का आरोप लगाते हुए फरह थाने में तहरीर देने का प्रयास किया था।
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शरीर पर चोट का कोई निशान नहीं
पुलिस इस घटना को लेकर अब तक उलझी हुई है। वादी पक्ष का आरोप है कि आरोपी एसके मोड़ पर घात लगाए बैठे थे। जबकि दाऊजी ने कहा था कि दो बाइक पर चार हमलावर आए थे। ऐसे में दोनों बातों में विरोधाभास है। वहीं, घटनास्थल पर बिल्कुल अंधेरा था। ऐसे में जिन लोगों को वादी पक्ष ने गवाह बनाते हुए दावा किया है कि उन्होंने अंधेरे में कैसे किसी को देख और पहचान लिया। तीसरा सवाल, गोली के निशान को लेकर है। दाऊजी के पैर में गोली का निशान देखकर डॉक्टरों ने अंदेशा जताया है कि उसे नजदीक से गोली मारी गई है। वहीं, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पहाड़ी के सिर में एक गोली लगने से उसका भेजा बाहर आने की बात सामने आई है, इस पर भी पुलिस को शक है कि आखिर हमलावर इतना नजदीक था तो दाऊजी और पहाड़ी ने खुद को बचने के लिए प्रतिक्रिया क्यों नहीं की।

घटना के हर पहलू की जांच की जा रही है। निष्पक्ष जांच की जा रही है, जिसके खिलाफ भी साक्ष्य मिलेंगे, उसे कार्रवाई की जद में लाया जाएगा।
- मार्तंड प्रताप सिंह, एसपी सिटी
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