वृंदावन के संत प्रेमानंद महाराज ने शुक्रवार को परिक्रमा मार्ग स्थित श्रीराधा केलिकुंज में अपने भक्तों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए एक महत्वपूर्ण बयान दिया। एक भक्त ने जब उनसे पूछा कि क्या वे मूल रूप से कानपुर के रहने वाले हैं, तो संत प्रेमानंद ने स्पष्ट किया कि अब उनकी पहचान पूरी तरह से वृंदावन से जुड़ी हुई है।