पांच दिन पहले नौहझील में एक्सप्रेसवे पर शांति मार्च करने जा रहे किसानों से भरी टाटा 407 पलटने में घायल युवा किसान संदीप कुमार की आगरा में उपचार के दौरान मौत हो गई। मौत होने के बाद किसानों ने शव को रखकर बाजना चौकी के सामने घंटों जाम लगाया। मुआवजे की मांग को लेकर एसडीएम मांट और सीओ से वार्ता विफल होने के बाद किसान आक्रोशित होकर चौकी में घुस गए और हंगामा किया।
16 मार्च से 11 सूत्रीय मांगों को लेकर किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष रामबाबू कटैलिया नौहझील ब्लाक में धरना दे रहे थे। कटैलिया ने 25 मार्च को एक्सप्रेसवे पर चढ़कर शांति मार्च के ऐलान किया और उस दिन सैकड़ों किसानों संग शांति मार्च के लिए निकले। इस दौरान किसानों को लेकर जा रही टाटा 407 पिकअप पलटने से उसमें सवार किसान संदीप (22) पुत्र प्रेमसिंह निवासी बाजना घायल हो गया था। आगरा में उपचार के दौरान शनिवार को उसकी मौत हो गई।
मथुरा में पोस्टमार्टम के बाद शाम को सात बजे शव को लेकर परिवारीजन बाजना पहुंचे और वहां किसान इकट्ठा हो गए। किसानों ने बाजना चौकी के सामने शव रखकर जाम लगा दिया और मुआवजे की मांग की। दो घंटे से अधिक देर तक लगे जाम के दौरान कई बार आक्रोशित युवकों और पुलिस व पीएसी के जवानों में टकराव के हालत बने। सूचना पर एसडीएम मांट विश्वभूषण मिश्रा और सीओ मांट राजेश सोनकर पहुंचे। अधिकारियों से वार्ता विफल हो जाने के बाद आक्र ोशित युवक चौकी में घुस गए और हंगामा किया। बाद में पुलिस कर्मियों ने उन्हें वहां से हटाया। दूसरे दौर की वार्ता में 10 लाख मुख्यमंत्री राहत कोष और पांच लाख दुर्घटना बीमा में दिलाने के आश्वासन पर किसानों ने जाम खोला। जाम के चलते आसपास के आठ थानों की पुलिस और पीएसी तैनात रही।