उत्तर प्रदेश के मथुरा में गिरिराज पर्वत पर भेड़-बकरी चराने गए वृद्ध की शिलाओं से सिर कुचलकर हत्या कर दी गई। घटना सोमवार रात की है। परिजनों को मंगलवार सुबह घटना का पता चला। एसएसपी शैलेश पांडेय ने घटनास्थल का जायजा लिया। इसके साथ ही फोरेंसिक और डॉग स्क्वायड टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए।
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घटना गोवर्धन थाना क्षेत्र के आन्यौर गांव की है। गांव निवासी मंगल (63) सोमवार को भेड़-बकरी चराने गिरिराज पर्वत पर गए थे। देर रात तक वापस नहीं लौटे तो परिजनों ने खोजबीन की, लेकिन रात तक कोई सुराग नहीं लगा मंगलवार सुबह मृतक का बेटा पोहपी परिजनों और अन्य ग्रामीणों के साथ गिरिराज पर्वत पर पिता को खोजने निकला। इसी दौरान शिलाओं के बीच एक शव दिखाई दिया। शिलाएं हटाकर देखा तो शव मंगल सिंह का था। सिर, हाथ-पैर पर शिलाओं से वार किए गए थे।
जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंच गए। एसपी ग्रामीण त्रिगुण बिसेन, सीओ राम मोहन शर्मा, इंस्पेक्टर क्राइम देवेंद्र सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। प्रभारी निरीक्षक देवेंद्र सिंह ने बताया कि मृतक के बेटे की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है। जल्द ही मामले का खुलासा कर दिया जाएगा। उधर, परिजनों का कहना है कि उनके पिता की किसी से रंजिश नहीं थी।
पिता भेड़ बकरी चराकर तो बेटे रिक्शा चलाकर परिवार का भरण पोषण कर रहे थे। पिता को आजीविका के साथ बेटी की शादी की चिंता भी खाए जा रही थी। परिचितों से अक्सर पूछते रहते थे कि कोई अच्छा सा लड़का बताना मेरी बेटी के लिए, लेकिन उनकी मौत के साथ ही यह सपना बिखर गया। परिजन को जब उनकी हत्या की जानकारी मिली तो उन पर गम का पहाड़ टूट पड़ा।
तीन बेटे पोहपी, लड्डू और देवो कभी अपने आंसू पोंछते तो कभी बहन और मां को चुप कराते। जिम्मेदारियों का बोझ उनके चेहरों पर साफ छलक रहा था। पोहपी ने रोते हुए कहा कि गिरिराजजी के भरोसे हैं हम। पिता भेड़ बकरी चराते हुए, रिक्शा भी चलाते थे। बहन के सर पर हाथ रखकर आंसू पोंछते हुए बोले, चिंता मत कर अब हम तीनों तेरे पिता समान ही हैं।