मथुरा। मुख्य विकास अधिकारी डॉ. नितिन गौड़ ने कृषि परिसर में फीता काटकर खरीफ किसान मेला-कृषि प्रदर्शनी एवं खरीफ गोष्ठी का उद्घाटन किया। उन्होंने उपस्थित किसानों को फसल के रख रखाव तथा सुरक्षित करने के उपाय बताये। उन्होंने कृषि सहित अन्य विभागों की ओर से किसानों के लिए चलाई जा रही जन कल्याणकारी योजनाओं के बारे में बताया। अधिकारियों से कि कहा कि पात्र किसानों को मुख्यधारा में जोड़ते हुए लाभ पहुंचाएं।
वरिष्ठ वैज्ञानिक एसके मिश्रा ने किसानों को संबोधित करते हुए बताया कि जलवायु-सहिष्णु कृषि तकनीकों एवं पद्धतियों का व्यापक अभियान के तहत किसानों के साथ विशेष गुणों वाली 35 फसल प्रजातियों के बारे में विस्तार से अवगत कराया। किसानों को सदैव बदलते क्रम में खेती करनी चाहिए। हर साल एक जैसी खेती नहीं करें। उप कृषि निदेशक अश्विनी कुमार ने किसानों से आग्रह किया कि वे अपनी खेती में मोटे अनाजों को शामिल करें। ताकि रोग, बीमारियां दूर रहें।
उन्होंने कहा कि इससे किसानों को अवश्य लाभ मिलेगा तथा पोषण की महत्ता से किसानों के जीवन में सुधार आयेगा और उनका जीवन स्तर ऊपर उठेगा। उन्होंने फोर्टीफाइड प्रजातियों के विषय में, किसानों को खेती की नई तकनीकी, पोषण एंव खेती को लाभदायक कैसे बनाएं, इसके बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मेले में लगभग 800 किसानों ने प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उप कृषि निदेशक शोध तेजवीर सिंह तेवतिया, वैज्ञानिक ब्रजमोहन, रविन्द्र कुमार राजपूत, वाईके मिश्रा, भूमि संरक्षण अधिकारी डॉ. संतरात, जिला कृषि रक्षा अधिकारी विभूति चतुर्वेदी, उप सम्भागीय कृषि प्रसार अधिकारी मांट सुबोध कुमार आदि उपस्थित थे।