समर्थन मूल्य पर सरकारी गेहूं खरीद का प्रबंधन पूरी तरह फेल हो गया है। लापरवाही का आलम ये है कि अभी तक प्रशासन बारदाना ही नहीं जुटा पाया। खाली बोरों के लिए खुर्जा और मैनपुरी जिलों की मदद मांगी गई है।
सरकार ने एक अप्रैल से घोषित समर्थन मूल्य 1525 रुपये प्रति क्विंटल पर गेहूं खरीद की घोषणा की है। इसके लिए जिले में 78 क्रय केंद्र खोले गए हैं। इसमें पीसीएफ के 67, खाद्य विपणन विभाग के चार, एग्रो के तीन, कल्याण निगम के तीन और एफसीआई का एक क्रय केंद्र है। गुरुवार तक इन खरीद केंद्राें पर बारदाना (खाली बोरा) भी नहीं पहुंच सका था।
सरकारी खरीद के लिए 13 लाख खाली बोरी की आवश्यकता है। इसके लिए प्रशासन ने खुर्जा और मैनपुरी सहित अन्य जिलों से मदद मांगी है। बताया गया कि खुर्जा से 50 गांठ और मैनपुरी से 125 गांठ खाली बोरी की (लगभग एक लाख बोरी) मंगवाई गई हैं।
मैनपुरी और खुर्जा से खाली बोरी मंगवाई गई है। इसके लिए खाली ट्रक रवाना कर दिए हैं। संभावना है देर रात तक खाली बोरियां आ जाएंगी। सोमवार से खरीद कार्य प्रारंभ हो जाएगा।
अजय कुमार अवस्थी
एडीएम प्रशासन और खरीद प्रभारी, मथुरा