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Mathura News: डॉक्टर न दवाई, पैगांव के अस्पताल में सब हवा-हवाई

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मथुरा। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पैगांव में परिसर में खड़ी झाड़ियां।  - फोटो : mathura
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मथुरा। छाता क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर न डॉक्टर तैनात हैं और न मरीजों के लिए दवाई है। यहां उपचार के नाम पर सभी व्यवस्थाएं हवा-हवाई हैं। यहां तैनात फार्मासिस्ट मरीजों को केवल दर्द और बुखार की दवा देकर खानापूर्ती कर रहे हैं। यह हाल तब है जब यह अस्पताल कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मीनारायण के विधानसभा क्षेत्र का हिस्सा है। बीते डेढ़ साल से हालात बेहद खराब हैं।
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सरकार और प्रशासन अस्पतालों की संख्या गिनाकर बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का हवाला देता है, लेकिन धरातल पर स्थिति उलट है। करीब 12 हजार की आबादी को उपचार देने के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पैगांव ही एकमात्र सहारा है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की अनदेखी से स्वास्थ्य केंद्र केवल एक भवन बनकर रह गया है। दरअसल बीते डेढ़ साल से यहां डॉक्टर की तैनाती ही नहीं है। इसके चलते मरीजों को उपचार नहीं मिल पा रहा है।
यहां औसतन 20 से 25 मरीज प्रतिदिन उपचार लेने के लिए पहुंचते हैं। यह मरीज फार्मासिस्ट मुकेश शर्मा के सहारे हैं। वह दर्द और बुखार के मरीजों को दवा देकर घर भेज देते हैं। अन्य बीमारियों से पीड़ित मरीजों को 10 किलोमीटर दूर छाता स्थित स्वास्थ्य केंद्र भेज दिया जाता है। यहां मरीजों के लिए बना छह बेड का वार्ड भी धीरे-धीरे बदहाल हो गया है। वहीं कुछ साल पहले बना अतिरिक्त वार्ड भी आज तक शुरू नहीं हो सका है। स्थानीय निवासी दीपक, सुधीर, विपिन, प्रमोद और बबलू ने बताया कि किसी की तबीयत अचानक खराब होने पर इस केंद्र पर कोई इलाज नहीं मिल सकता है। छाता सीएचसी प्रभारी डॉ. देवेंद्र ने बताया कि पैगांव में चिकित्सक की तैनाती के लिए पत्र लिखा है। मरीजों को सीएचसी पर इलाज मिल रहा है।
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पूरे परिसर में खड़ी हैं झाड़ियां, सताता है डर
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में बदहाली इस कदर हावी है कि पूरे परिसर में झाड़ियां उग आई हैं। इसके चलते परिसर में सांप व अन्य कीड़े भी रेंगते नजर आते हैं। इससे स्टाफ और मरीज दोनों को खतरा बना रहता है

वर्जन
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्सक की व्यवस्था कराई जा रही है। चिकित्सकों की कमी चल रही है। जल्द ही चिकित्सक को तैनात करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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-डॉ. संजीव यादव, सीएमओ
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