ग्राम प्रधान संगठन ने आंदोलनरत लेखपाल संघ को समर्थन दिया है
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जवाहर बाग खाली कराने के लिए सोमवार को भी शासन की ओर से पुलिस बल नहीं भेजा गया। इसके चलते जिला प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं कर सका। फोर्स ने मिलने की स्थिति में प्रशासन की अब तक की सभी तैयारियों पर ब्रेक लग गया है।
जवाहर बाग को खाली कराने की प्रशासनिक तैयारियां एक बार फिर ठंडी पड़ती नजर आ रही हैं। जिले की स्थिति को विस्फोटक बताते हुए शासन से मांगा गया अतिरिक्त पुलिस बल सोमवार तक नहीं मिल सका। पूरे दिन प्रशासनिक और पुलिस अफसर यूपी पुलिस के साथ पीएसी और केंद्रीय सुरक्षा बल का इंतजार करते रहे। इसे लेकर लोगों में जवाहर बाग पर कार्रवाई के बारे में कई चर्चाएं हैं।
इधर, कलक्ट्रेट में वटवृक्ष के नीचे लेखपाल संघ के नेतृत्व में धरना जारी रहा। आंदोलन को अब कर्मचारियों ने क्रमिक अनशन के रूप में परिवर्तित कर दिया है। लेखपाल और अमीनों की हड़ताल से राजस्व संबंधी कार्य पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। तहसीलों में कामकाज ठप है। सोमवार को धरना के अंतिम चरण के दौरान एलआईयू इंस्पेक्टर एमएल गौड़ पर आंदोलनरत उद्यानकर्मी रामवती के साथ अभद्रता किए जाने से कर्मचारी आक्रोशित हो गए। इसकी शिकायत भी उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों से की है। इधर इस आंदोलन के संदर्भ में 20 अप्रैल को प्रांतीय पदाधिकारियों की भी बैठक होगी।
प्रधान संगठन ने दिया समर्थन
जवाहर बाग को खाली कराने के लिए ग्राम प्रधान संगठन ने आंदोलनरत लेखपाल संघ को समर्थन दिया है। प्रधान संगठन के अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह के नेतृत्व में कलक्ट्रेट पहुंचे प्रधानों ने कहा कि जवाहर बाग खाली होना चाहिए। इसके लिए प्रधान संगठन भी आंदोलन में शामिल होगा।
जयगुरुदेव संस्था से संबंध नहीं
जयगुरुदेव धर्म प्रचारक संस्था के रामकृष्ण यादव का कहना है कि जवाहर बाग पर कब्जा जमाए लोगों से संस्था का कोई संबंध नहीं है। इसकी जानकारी उन्होंने जवाहर बाग खाली कराने के लिए धरनारत कर्मचारियों और प्रशासन को दे दी है।