मथुरा। राया मथुरा रोड पर जाम लगाने के लिए शव को सड़क पर रखते परिजन।
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मथुरा। थाना जमुनापार क्षेत्र स्थित एक नर्सिंग होम में शनिवार की सुबह जच्चा-बच्चा की मौत हो गई। चिकित्सकों ने महिला के शव को तो परिजन को सौंप दिया, लेकिन नवजात बच्चे का शव परिजन को नहीं दिया। परिजन ने चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप लगाता हुए हंगामा करते हुए राया-मथुरा मार्ग पर जाम लगा दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह परिजन को समझा बुझाकर शांत किया और शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
थाना जमुनापार के नगला पूर्णा निवासी लाखन सिंह ने बताया कि उन्होंने गर्भवती पत्नी आरती को प्रसव के लिए शुक्रवार की शाम को राया-मथुरा मार्ग पर रिलायंस पेट्रोल पंप के पास स्थित नर्सिंग होम में भर्ती कराया था। पूरी रात चिकित्सक उसकी पत्नी का इलाज करते रहे। सुबह पांच बजे के करीब उन्होंने पत्नी की हालत गंभीर बताते हुए अन्य स्थान पर ले जाने के लिए बोल दिया। यह सुनते ही लाखन सिंह घबरा गए और अपनी पत्नी को लेकर डीएस हॉस्पिटल पहुंचे।
यहां चिकित्सकों ने कुछ देर उपचार करने के बाद पुन: दूसरे अस्पताल ले जाने को बोल दिया। वह अपनी पत्नी को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, यहां चिकित्सकों ने उनकी पत्नी को मृत घोषित कर दिया। वह शव को लेकर राया-मथुरा रोड स्थित नर्सिंग होम पर पहुंच गए। उन्होंने चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए अपने बच्चे के शव की मांग की। इस पर नर्सिंग होम में तैनात बाउंसरों ने उनके साथ हाथापाई कर दी। उन्होंने इसकी जानकारी परिजन को दी।
जानकारी मिलने पर परिजन ग्रामीणों के साथ नर्सिंग होम पहुंच गए। उन्होंने महिला के शव को राया-मथुरा मार्ग पर रखकर जाम लगा दिया। थाना प्रभारी निरीक्षक अजय किशोर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। उन्होंने परिजन को समझा-बुझाकर शांत किया और शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
सीओ सदर संदीप कुमार ने बताया कि अभी परिजन ने किसी प्रकार की तहरीर नहीं दी है। तहरीर और जांच के बाद मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
प्रसव के बाद कहां गया बच्चे का शव
पीड़ित लाखन सिंह ने बताया कि चिकित्सकों ने उसकी पत्नी को गंभीर हालत में सौंपा। वह अपनी पत्नी की जान बचाने के लिए इधर-उधर भटकता रहा, लेकिन उसकी जान नहीं बची। पत्नी के शव को लेकर वह नर्सिंग होम पहुंचा और बच्चे का शव मांगा तो चिकित्सकों ने उसे फटकार कर भगा दिया। इसकी जानकारी उसने पुलिस को भी दी है, लेकिन पुलिस भी उसके बच्चे के शव को नहीं दिला सकी है। बताया कि वह बंजारा जाति का है और मेहनत मजदूरी करके अपने परिवार का पालन पोषण करता है। उसके दो लड़का और लड़की है। चिकित्सकों ने पत्नी के इलाज के नाम पर उससे 14 हजार रुपये ले लिए और ठीक तरह से इलाज भी नहीं किया।