मॉर्निंग वॉक (सुबह की सैर) भागदौड़ भरी जिंदगी में खुद को स्वस्थ रखने के साथ शहरी लाइफस्टाइल का हिस्सा भी है। किसी भी पॉश कालोनी के पार्क में चले जाइए बच्चों से लेकर बड़े बुजुर्ग तक खुद को फिट रखने का जतन करते नजर आएंगे।
शहर के भगत सिंह पार्क को ही लीजिए सुबह चार बजे से सात बजे तक योगासन, बैडमिंटन खेलना, टहलना आदि एक्टिविटी देखकर महसूस होता है कि वाकई लोग सेहत के लिए संजीदा हैं। थकने के बाद अखबार, थोड़ी गपशप और फिर घर वापसी खासकर गर्मी के मौसम में तो क्रम यही है।
मंगलवार का दिन और सुबह करीब चार बजे, अमर उजाला की टीम डैंपियर नगर स्थित भगत सिंह पार्क में है। यहां बुजुर्ग, युवा और महिलाओं के आने का क्रम शुरू हो चुका है। प्रवेश करते ही लोगों ने पार्क के चारों ओर बने मार्ग पर टहलना शुरू कर दिया है। वृद्ध छड़ी के सहारे धीरे-धीरे तो महिलाएं साड़ी का पल्लू लपेट कर जल्दी-जल्दी कदम बढ़ा रहीं हैं। पार्क के एक-दो चक्कर लगा चुके बच्चाें और युवाओं ने दौड़ना शुरू कर दिया है।
करीब आधा घंटे बीत चुके हैं और पार्क में चहल-पहल बढ़ती जा रही है। एक एक्टिविटी से थकने के बाद अपने-अपने हिसाब से विश्राम और दूसरी एक्टिविटी की तैयारी सभी कर रहे हैं।
धीरे-धीरे घड़ी ने पांच बजाए और हमउम्र लोगों की टोलियां बन गई हैं।
वृद्धों ने बेंच पर बैठककर चर्चा शुरू कर दी है। देर से आए लोग अखबार भी साथ लाए हैं तो चर्चा का विषय अब अखबार की सुर्खियां हैं। महिलाओं ने दूसरी ओर घास में बैठकर योगासन के साथ आपसी बातचीत शुरू कर दी है। बच्चों के बाकी दोस्त भी आए गए और बैडमिंटन, क्रिकेट आदि खेल जारी हैं। किशोर और युवाओं की दौड़भाग के साथ गपशप चल रही है।
करीब एक घंटे हो गया लेकिन कोई नई प्रतिक्रिया दिखाई नहीं दे रही। ये लीजिए अब शुरू हुआ पार्क से घर लौटने का क्रम। जो लोग सबसे पहले आए वे ही पहले लौट भी रहे हैं। बच्चों की जिद है थोड़ा देर और खेल लें लेकिन मम्मी ने किचिन के काम और पापा ने आफिस की बात कहकर उन्हें मना लिया। अब तो दोस्तों से बाय-बाय और इनकी भी घर वापसी शुरू हो गई।