झांसी से ट्रेन में सवार हुए परिवार में से एक बालिका होडल स्टेशन के समीप ट्रेन से उतरने के कारण परिवार से बिछुड़ गई। परिवारीजनों को बिलखता देख एक सहयात्री ने बालिका के गुम होने की सूचना दिल्ली में रेलवे कंट्रोल रूम को दी। इस पर हरकत में आई आरपीएफ ने होडल स्टेशन के समीप बालिका को खोज लिया।
महोबा निवासी मनोज कुमार काम की तलाश में परिवारीजनों के साथ दिल्ली जा रहे थे। रविवार रात को वह परिवारीजनों के साथ झांसी स्टेशन से ट्रेन संख्या 3346 पातालकोट एक्सप्रेस में सवार हुए। मनोज के अनुसार सोमवार तड़के करीब चार बजे जब उन्होंने टीटीई से पूछा कि ट्रेन निजामुद्दीन जाएगी तो टीटीई ने ट्रेन का स्टॉपेज निजामुद्दीन स्टेशन न होने की बात कही।
टीटीई ने उन्हें सलाह दी कि वे कोसीकलां स्टेशन के बाद ट्रेन रुकने पर स्टेशन से कोई दूसरी ट्रेन पकड़ लें। इसके बाद ट्रेन किसी आउटर पर रुकी तो मनोज स्टेशन समझकर ट्रेन उतरने लगे। सबसे पहले उनकी पांच वर्षीय पुत्री अंजू ट्रेन से उतरी। जब अन्य लोग उतर पाते तब तक ट्रेन चल दी।
इस पर मनोज और उनकी पत्नी घबरा गए और पत्नी ने रोना शुरू कर दिया। इस पर एक महिला सहयात्री ने मामले की जानकारी दिल्ली रेलवे कंट्रोल रूम को दी। वहां से मैसेज मिलते ही आगरा कंट्रोल रूम ने आरपीएफ को सूचना दी।
इसके बाद आरपीएफ इंस्पेक्टर सीबी प्रसाद ने अधीनस्थों के साथ खोजबीन करके अंजू को होडल स्टेशन के समीप से बरामद कर लिया। सहयात्री की मदद से ही मनोज दोपहर में दो बजे कोसीकलां रेलवे स्टेशन पहुंचे। यहां आरपीएफ ने बालिका को मनोज के सुपुर्द कर दिया।