मथुरा। जिले में डेंगू और बुखार से हजारों लोग ग्रसित हैं। हालात बेहद नाजुक हैं। दो दिन से हो रही बारिश ने तो डेंगू को बढ़ाने में मदद की है। चिकित्सक सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि जनपद के अधिकांश सरकारी और निजी अस्पतालों में डेंगू और बुखार के मरीज भर्ती हैं। डेंगू से एक बच्चे सहित दो की मौत हो गई। पिछले २४ घंटे में स्वास्थ्य विभाग को डेंगू के १८ मरीज मिले हैं।
वृंदावन के अहीरपाड़ा क्षेत्र निवासी केशव देव के 12 वर्षीय पुत्र शशांक की डेंगू से मौत हो गई, वहीं राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित कोटा के निकट चंद्रनगर में रहने वाले रामबाबू की 60 वर्षीय पत्नी रूपवती की वृंदावन के रामकृष्ण मिशन हॉस्पिटल में इलाज के दौरान मौत हो गई। महिला को पिछले दिनों इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
वृंदावन के सौ शैया संयुक्त जिला अस्पताल में सौ मरीज भर्ती हैं। इनमें लगभग 34 मरीज डेंगू मरीज हैं, जबकि 46 मरीज बुखार के बताए गए हैं। इनमें बच्चों की संख्या अधिक है। वहीं जिला अस्पताल के हालात भी ऐसे ही हैं। दस बेड के डेंगू वार्ड फुल है। अस्पताल में 28 मरीज बुखार से पीड़ित हैं। वहीं आईएमए में पंजीकृत 90 अस्पतालों के साथ बिना पंजीकृत लगभग 20 अस्पताल डेंगू और बुखार के मरीजों से भरे हैं।
एक अनुमान के मुताबिक मथुरा और वृंदावन में दो हजार से अधिक लोग निजी अस्पतालों में डेंगू और बुखार के भर्ती हैं। जबकि इतने ही लोग घरों पर इलाज करा रहे हैं। कोविड प्रभारी डॉ. भूदेव ने बताया कि सोमवार को १८ मरीज डेंगू के मिले हैं। सैंपलिंग व जागरूकता कार्यक्रम चलाया जा रहा है। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. दिलीप कुमार ने लोगों से सावधानी बरतने की सलाह दी है।
डेंगू और बुखार के मरीजों को भर्ती करने के लिए आईएमए के सभी 98 अस्पताल लोगों की सेवा के लिए संकल्पित हैं। जिनके पास बेड हैं वे अस्पताल मरीजों को भर्ती कर उनका उपचार कर रहे हैं। शहर के अधिकांश अस्पताल मरीजों से फुल हैं।
- डॉ. गौरव भारद्वाज, उपाध्यक्ष आईएमए