मथुरा। तोशीबा कंपनी के जीएम शैलेश उपाध्याय की बस में जलकर मौत से परिवार में आक्रोश है। पोस्टमार्टम हाउस में हंगामा काटते उनके भाई मनीष उपाध्याय और बहन ने परिवहन विभाग की व्यवस्था पर सवाल खड़े किए। कहा कि परिवहन निगम और चालक-परिचालक की लापरवाही के कारण उनके भाई की मौत हुई है। इनके खिलाफ हर हाल में मुकदमा दर्ज कराएंगे।
प्रदेश सरकार पर सवाल खड़े करते हुए मनीष ने कहा कि परिवहन निगम की लापरवाही के कारण बड़े भाई उनके बीच में नहीं हैं। भाई और बहन ने आरोप लगाते हुए कहा कि आखिरकार बस में ज्वलनशील पदार्थ कैसे आया।
अग्निशमन यंत्र न होने के बाद आखिरकार बस को चलाने की परमिशन किसने दी। साथ ही पुलिस को भी घेरा। सवाल खड़े करते हुए भाई का आरोप है कि चार केन बरामद की गई हैं। आखिर केन कैसे बरामद कर लीं, जबकि बस में कुछ बचा भी नहीं। लोहे की बस जल गई तो पुलिस केन किस प्रकार बरामद कर दिखा रही है।
बस अड्डे पर सुरक्षा और अग्निशमन के इंतजाम न होने पर भी सवाल खड़े करते हुए कहा कि उनके भाई को बचाया जा सकता था, पर परिवहन निगम की लापरवाही और स्थानीय लोगों ने बचाने की बजाए वीडियो बनाने में दिलचस्पी दिखाई। आरोप लगाने के बाद सिस्टम पर प्रहार करते हुए भाई और बहन ने कहा कि वह छोड़ेंगे नहीं। चाहे भिलाई से यहां आकर उन्हें लड़ना पड़े। भाई की मौत से काफी व्यथित परिवार में गुस्सा भी साफ दिखा।
शैलेश ने जीया सादगी भरा जीवन, भांजे के जनेऊ में आए थे
सादगी भरा जीवन जीने वाले तोशीबा कंपनी के जीएम शैलेश उपाध्याय की मौत ने पूरे परिवार को हिलाकर रख दिया है। जीएम होने के बाद भी शैलेश बस में सफर कर रहे थे। ऐसा पहली बार नहीं हुआ है। ट्रेन और बस में ही सफर करना उन्हें पसंद भी था।
१४ फरवरी को अपने भांजे रुद्राक्ष के यज्ञोपवीत संस्कार में शिरकत करने वह बस से आए थे। यहां पर खुशी-खुशी कार्यक्रम में शामिल हुए। रिश्तेदार व परिजन भी उन्हें अपने बीच पाकर काफी खुश थे। बहनोई विक्रम दुबे का कहना है कि वह झारखंड के हजारीबाग से वृंदावन के बैरागी बाबा के आश्रम में अपने बेटे का यज्ञोपवीत संस्कार किया था। यहां पर उनके साले शामिल होने आए थे।
उनके आने से हर कोई खुश हो गया। कारण यह है कि वह काफी सादगी भरा जीवन जीने वाले थे। बड़े ओहदे पर होने के कारण उन्हें कतई भी घमंड नहीं था। बस से आए और बस से ही अलीगढ़ के लिए निकले। अधिकतर वह अपने इसी सादगी के लिए पूरे परिवार में सभी के प्रिय भी थे। हर कोई उन्हें और उनकी सादगी की चर्चा करता था।