वृंदावन (मथुरा)। ठा. राधारमण लाल ने वात्सल्य भक्तिरस निकुंज में विराजमान होकर भक्तों को दर्शन दिए। महोत्सव में विष्णुप्रिया गोस्वामी ने नृत्य सेवा प्रस्तुत की। जबकि नृत्य पर गायन सेवा आस्था गोस्वामी ने किया।
श्री चैतन्य प्रेम संस्थान के तत्वावधान में चल रहे शीतकालीन निकुंज सेवा महोत्सव में ठाकुरजी अपनी प्रियाजू के साथ द्वादश भक्ति रस निकुंजों में से वात्सल्य भक्तिरस निकुंज में विराजमान हुए। ठाकुरजी को नवीन आभूषणों के साथ-साथ गहरे रंग की पोशाक धारण कराई गई। जिस पर पीले रंग की जैकेट शोभायमान थी।
सायंकाल विष्णुप्रिया गोस्वामी ने मीराबाई के पद मोहिनी मूरत सांवरी सूरत नैना बने विशाल, अधर सुधा रस मुरली साजत गल बैजयंती माल, बसौं मोरे नैनन में नंदलाल... लोकनृत्य प्रस्तुत किया। नृत्य देख ठाकुरजी के अधरों पर मंद-मंद मुस्कराहट भक्तों को पुलकायमान कर रही थी।
नृत्य पर गायन सेवा आस्था गोस्वामी ने की। मृदंग पर संगत पं. कृष्णगोपाल शर्मा ने दी। सभी आगंतुकों का स्वागत आध्यात्मिक गुरु आचार्य श्रीवत्स गोस्वामी, वेणुगोपाल गोस्वामी, अभिनव गोस्वामी, सुवर्ण गोस्वामी आदि ने प्रसादी वस्त्र एवं पान भेंटकर किया।