वृंदावन (मथुरा)। स्वास्थ्य विभाग में अधिकारियों की शह पर नया खेल सामने आया है। वृंदावन सामुदायिक केंद्र में तैनात नर्स का तबादला होने के बाद भी यहां से वेतन लेती रही, जबकि फरह में उन्होंने ज्वाइन ही नहीं किया। मामला गर्माने के बाद सीएमओ ने पैनल बनाकर जांच बैठा दी है।
तत्कालीन सीएमओ डॉ. रचना गुप्ता ने जारी आदेश में वृंदावन के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात स्टाफ नर्स अर्निका को अप्रैल 2021 को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फरह के लिए अटेचमेंट किया, लेकिन स्टाफ नर्स अर्निका द्वारा 2 दिसंबर 2021 तक ज्वाइन नहीं किया।
वृंदावन के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के उपस्थिति रजिस्टर से अर्निका का नाम मई से नवंबर तक दर्ज नहीं हुआ। बावजूद इसके स्टाफ नर्स वृंदावन से ही वेतन लेती रही। प्रभारी डॉ. स्वाति जड़िया ने बताया कि स्टाफ नर्स अर्निका को अप्रैल 2021 में फरह अटेचमेंट कर दिया गया था लेकिन वेतन वृंदावन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से लेती रही। अधिकारियों ने अर्निका की अटेंडेंस भी नहीं दी।
फरह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉक्टर रामवीर सिंह ने बताया कि अप्रैल 2021 में स्टाफ नर्स अर्निका का अटेचमेंट जरूर हुआ था लेकिन ज्वाइन नहीं किया। बाद में दिसंबर में नियमित रूप से ज्वाइन किया है। फिलहाल कोविड वैक्सीनेशन में काम कर रहीं हैं। इस मामले में जानकारी होने के बाद पैनल बनाकर जांच कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई होगी।
- डॉ. एके वर्मा, सीएमओ मथुरा।