मथुरा। चलती गाड़ी से यमुना एक्सप्रेसवे पर हत्या करके फेंके गए दोनों बच्चों की शिनाख्त में पुलिस अभी तक बेसुराग है। फिर भी पुलिस की टीमें दिल्ली एनसीआर के जिलों में शिनाख्त के लिए जुटी हुई हैं। साथ ही पुलिस इन जिलों में लापता बच्चों की गुमशुदगी की भी जानकारी जुटा रही है।
एक नवंबर को एक्सप्रेसवे के माइल स्टोन ७८ और ७४ के पास हत्या करके फेंके गए बच्चों के शवों से सनसनी फैल गई थी। १३ और ८ साल के दोनों बच्चों के शव खून से लथपथ मिले थे। इन शवों की पहचान के लिए सुरीर पुलिस की टीमें दिल्ली एनसीआर के जिले गाजियाबाद, नोएडा, फरीदाबाद, नोएडा और गुरुग्राम में जुटी हुई हैं। यह टीमें अलग-अलग जाकर थानों में लापता बच्चों की भी जानकारी जुटा रही हैं।
बुधवार को पुलिस की टीमों के हाथ खाली ही रहे। मतलब अभी तक दोनों बच्चों की पहचान नहीं हो पाई है। बावजूद पुलिस टीमों ने हिम्मत नहीं छोड़ी है। पुलिस का मानना है कि हो सकता है, बच्चे इन जिलों के हो सकते हैं। कोतवाल सुरीर अशोक कुमार ने बताया कि दिल्ली एनसीआर में बच्चों की शिनाख्त को पुलिस टीमें जुटी हुई हैं।
सीसीटीवी फुटेज खंगाले, नहीं लगा खास हाथ
जाबरा टोल, बाजना और खंदौली टोल पर सीसीटीवी खंगालने के बाद पुलिस को अभी तक कुछ ऐसा खास हाथ नहीं लगा है, जिससे कि बच्चों के फेंके जाने वाली गाड़ी का सुराग लग सके। बावजूद पुलिस की टीमें सीसीटीवी और मोबाइलों की सीडीआर भी खंगाल रही है।
यह मोबाइल घटनास्थल के आसपास के बताए जा रहे हैं। ७२ घंटे के अंदर दोनों बच्चों की शिनाख्त करना भी पुलिस के लिए यह बड़ी चुनौती है। इस अंतराल में शिनाख्त नहीं हुई तो अज्ञात में वीडियोग्राफी के मध्य डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम कराना होगा। इसके बाद ही अंतिम संस्कार भी अज्ञात में करना पड़ेगा। दोनों बच्चे सगे भाई हैं, इस संभावना को देखते हुए डीएनए सैंपल लिए गए हैं।
शिनाख्त होते ही करेंगे जल्द पर्दाफाश: श्रीशचंद
पुलिस की टीमें बच्चों की शिनाख्त के लिए दिल्ली एनसीआर में जुटी हुई हैं। इसके अलावा सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल की सीडीआर भी खंगाली जा रही है। जल्द ही शिनाख्त करके मामले का पर्दाफाश किया जाएगा।
-श्रीशचंद, एसपी देहात