मथुरा। ब्रज के प्रमुख उत्सवों में शुमार अनंत चतुर्दशी पर रविवार को गोवर्धन की गिरि तलहटी में हुआ अलौकिक छप्पनभोग महोत्सव में बिखरी छटा को भक्त अपलक निहारते रहे और नृत्य कर प्रभु को रिझाया। देशी-विदेशी फूलों से तलहटी महक उठी। आई प्रभु मिलन की बेला, छप्पनभोग चखने आए नंदलाला आदि भजनों की गायकों ने प्रस्तुति दी। इससे पूर्व समिति परिवार के सदस्यों ने छबरियों में व्यंजन लगा मानव श्रृंखला बनाकर प्रभु के द्वार पहुंचाए।
श्री गिरिराज सेवा समिति के संस्थापक मुरारी अग्रवाल ने बताया कि इंद्र के मान मर्दन को तोड़ने के लिए अनंत चतुर्दशी पर प्रभु श्रीकृष्ण ने ग्वाल बाल गोपियों के सहयोग से अपनी कन्ही उंगली पर गोवर्धन पर्वत को धारण किया था, तभी से प्रभु को लाड़ लड़ाने के लिए ब्रजवासियों ने छप्पनभोग परोसा। उसी परंपरा के तहत गोवर्धन में यह आयोजन किया जाता है। इसी भाव के लिए दिव्य मोरकुटी महल में गिरिराज प्रभु को छप्पनभोग लगाया गया।
अनंत चतुर्दशी पर प्रभु दिव्य-भव्य स्वरूप में छप्पनभोग खाने आए और श्री गिरिराज सेवा समिति के सेवायतों ने खुद ग्वाल बाल गोपी बनकर उसी भाव से 56 व्यंजनों को परोसा।
प्रभु को शुद्ध गाय के घी के लौंग लता चंद्रकला मोदक पंचरत्नी लड्डू छाक सहित 56 व्यंजन परोसे गए, वहीं प्रभु को तरह-तरह के अचार मुरब्बे चूर्ण दिए गए जिससे उनका हाजमा सही रहे। समिति के तत्वावधान में आयोजित इस प्रमुख उत्सव में देर शाम तक दर्शन करने वालों का तांता लगा रहा। शहनाई की मधुर धुनी पर भक्त थिरकते रहे। प्रभु के मोरकुटी महल में प्रभु का हीरा, मोती, माणिक, पन्ना, पुखराज, नीलम, गोमिद जैसे सप्त रत्नों से दिव्य शृंगार पंडित शरद मुखिया ने किया।
इस दौरान समिति के संस्थापक मुरारी अग्रवाल ने आरती कर प्रभु को छप्पनभोग चखने के लिए न्योता दिया। समिति के अध्यक्ष दीनानाथ अग्रवाल, महामंत्री अशोक कुमार आढ़ती, राजेंद्र कुमार सराफ, मुरारी सरन सराफ, राघवेंद्र गर्ग, भगवान दास खंडेलवाल, नीरज गोयल, राकेश गर्ग आढ़ती, कृष्ण कुमार कन्नू, महावीर अग्रवाल, बांकेबिहारी सोनी, रामसिंह वर्मा, दिनेश सादाबाद, राजीव अग्रवाल, पवन बंसल, राजेंद्र गोयल, रूपकृष्ण गर्ग, प्रदीप सराफ, सुनील बंसल आदि ने पूजा-अर्चना की।