ठाकुर आनंद बिहारी मंदिर में लोगों को संबोधित करते महामंडलेश्वर ज्ञानानंद महाराज।
- फोटो : VRINDAVAN
वृंदावन (मथुरा)। गुरुकृपा सेवा समिति एवं अवधधाम सेवा समिति द्वारा नवनिर्मित अवधधाम मंदिर में दिव्यमूर्ति प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव में राधा-कृष्ण की मूर्ति स्थापित की गई।
उनका नामकरण महामंडलेश्वर गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने ठाकुर श्रीआनंद बिहारी महाराज किया। महाराजश्री ने इस मंदिर की प्रथम आरती कर ठाकुरजी का जयघोष किया। ठाकुरजी को छप्पन भोग निवेदित किए गए।
महामंडलेश्वर गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने कहा कि मैं बड़भागी हूं जो मुझे इस मंदिर की नींव में पहली शिला रखने का सौभाग्य 3 वर्ष पूर्व प्राप्त हुआ था। तभी से मैं इस स्थान से हृदय से अत्यधिक जुड़ा रहा।
अवधधाम के परमाध्यक्ष दाऊजी महाराज ने कहा कि समिति ने प्रतिवर्ष वसंत पंचमी को अवधधाम का वार्षिकोत्सव एवं ठाकुर श्रीआनंद बिहारी महाराज का पाटोत्सव का निर्णय किया है।
समन्वय वेदजी महाराज व मीडिया प्रभारी डॉ. गोपाल चतुर्वेदी ने कहा कि वृंदावन में अवधधाम की स्थापना कृष्ण भक्तों को श्रीधाम वृंदावन से जोड़ने के लिए हुई है। इस मौके पर राधे राधे महाराज, आचार्य बद्रीश महाराज, महंत सुबोधनंद महाराज, बिहारी शरण महाराज, भागवताचार्य पुरुषोत्तम शास्त्री महाराज, मंहतसंतोष पांडेय, तन्मय महाराज, डॉ. निरंजन पाराशर, डॉ. राधाकांत शर्मा, कमल सागर महाराज थे।