मथुरा। अभी तक सिल्ट सफाई के लिए सिंचाई विभाग पर दबाव बना रहे किसान पीछे हट गए हैं। उन्होंने सिंचाई विभाग के अधिकारियोें को नहरों की सिल्ट हटाने के लिए दस दिन का समय और दिया है। इस संबंध में सिंचाई उपाध्यक्ष के आवास पर किसानोें की बैठक हुई। इसमें सिल्ट सफाई को लेकर किसानों ने असंतोष व्यक्त किया। 22 नवंबर का सिंचाई उपाध्यक्ष का धरना स्थगित किए जाने पर किसान एकमत दिखे।
रविवार को सिंचाई बंधु के उपाध्यक्ष सुधीर रावत के आवास पर किसानों की बैठक हुई। इसमें राया, मगोर्रा और फोंडर, बछगांव आदि क्षेत्र के किसान आए। उन्होंने बताया कि सिंचाई विभाग के अधिकारियों की ओर से चेतावनी मिलने के बाद काम को तेज किया है। भारतीय किसान यूनियन भानु के जिला अध्यक्ष देवेंद्र पहलवान, हरैश ठैनुआ और भारतीय किसान यूनियन अंबावता के जिलाध्यक्ष राजकुमार तोमर एवं उनके अन्य साथियों ने समय से पानी ना मिलने को लेकर असंतोष व्यक्त किया एवं कुछ एक जगह गुणवत्ता परक सफाई कार्य ना किए जाने के लिए नाराजगी व्यक्त की ।
सिंचाई बंधु उपाध्यक्ष सुधीर रावत ने भूख हड़ताल को स्थगित करने की घोषणा की। बैठक में मौजूद सिटी मजिस्ट्रेट जवाहर श्रीवास्तव तथा सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता सौर्य वर्द्घन सिंह को 10 सूत्री मांग पत्र सौंपा गया और शेष रह गए सिल्ट सफाई कार्यों को 10 दिन में पूर्ण कराने का अल्टीमेटम जिला प्रशासन को दिया।
सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि उनको दस सूत्री मांग पत्र दिया गया है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों का नेतृत्व कर रहे अधिशासी अभियंता सौर्यवर्धन सिंह ने कहा कि जो भी खामियां रह गई हैं, उनको शीघ्रातिशीघ्र दूर कर देंगे। सिंचाई बंधु के उपाध्यक्ष ने बताया कि दस दिन बाद काम की समीक्षा की जाएगी और यदि काम को सुधार लिया तो दस दिन बाद सिंचाई विभाग के अधिकारियों का किसानोें के साथ मिलकर स्वागत किया जाएगा।