मथुरा। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के दरबार में फरियादियों की लाइन लगी रही। थाने-चौकी और तहसील पर बैठे अधिकारियोें-कर्मचारियों की जी भरकर शिकायत कीं। उपमुख्यमंत्री ने समस्याओं के निराकरण के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए। जनता दरबार के बाद उन्हाेंने मलिन बस्ती, गेहूं क्रय केंद्र, चौपाल आदि लगाकर लोगों से जुड़ने का प्रयास किया।
पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में करीब ३० फरियादियों ने उपमुख्यमंत्री के सामने दुखड़ा रोया। किसी ने पुलिस द्वारा झूठे मुकदमे में फंसाने की बात कही तो किसी ने राजस्व अधिकारियों द्वारा तंग किए जाने का बारे में बताया। उपमुख्यमंत्री ने डीएम नवनीत सिंह चहल और एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर के माध्यम से सभी शिकायतों का निस्तारण किया। जनता दरबार में आखिरी समय तक लाइन लगी रही। हालांकि पुलिस ने कई फरियादों को रोककर उन्हें समझाया और शिकायत लेकर वापस भी कर दिया।
चौपाल में सरकारी योजनाओं को बताया
उपमुख्यमंत्री ने दामोदरपुरा मलिन बस्ती में प्राइमरी पाठशाला में चौपाल लगाई, जिसमें उनके द्वारा सरकारी योजनाओं की जानकारी दी। यहां पर एक दिन पूर्व ही निगम के अधिकारियों ने साफ-सफाई करवा दी। चौपाल में ग्रामीणों से प्रधानमंत्री आवास योजना के अलावा अन्य योजनाओं की भी जानकारी ली।
गेहूं खरीद केंद्रों की ली जानकारी
औरंगाबाद सहकारी समिति पर जाकर उपमुख्यमंत्री ने गेहूं खरीद से संबंधित जानकारियां लीं। यहां पर वार्ड संख्या २६ की पार्षद कमला देवी माहौर के पुत्र मोहन कुमार द्वारा उन्हें एक ज्ञापन दिया गया तथा बताया गया कि क्षेत्र में जितनी जनता है उससे कम उन्हें राशन मिल पा रहा है।
फिर भी प्यासा अगनपुरा
यह अगनपरा की आधी आबादी का दुर्भाग्य है कि मुख्यमंत्री मायावती के आने से लेकर उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के पहुंचने तक कई बड़े नेता और सचिव स्तर के अधिकारियों ने गांव का दौरा किया लेकिन पेयजल की समस्या जस की तस बनी हुई है।
दरअसल, गांव की आधी आबादी कुछ ऊंचाई पर बसी हुई है। जिससे यहां पर रहने वालों तक पेयजल नहीं पहुंच पा रहा है। उपमुख्यमंत्री के सामने गांव की रहने वाली राधा देवी ने फिर से पेयजल की समस्या को उठाया। जिसके बाद वह गांव में आयोजित अन्नप्राशन, गोद भराई और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से बात की।