मथुरा/बलदेव। डेंगू और बुखार ने पूरे जिले को अपनी चपेट में ले लिया है। वृंदावन में भी लोग बीमार हो रहे हैं। घर-घर बच्चों से लेकर युवा और बुजुर्ग बीमार हैं। हालात ऐसे हैं कि वृंदावन में समुचित उपचार न मिलने के बाद लोग मथुरा के अस्पतालों में पहुंच रहे हैं। शनिवार को फरह, सोनई और ईशापुर में 18 डेंगू के मरीज मिले हैं। वहीं, गांव हबीबपुर बसई में घर-घर मरीजों की चारपाइयां बिछी हैं।
बलदेव के गांव हबीबपुर बसई में विगत एक माह से बुखार, सर्दी, जुकाम और डेंगू का प्रकोप फैल रहा है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की शिथिलता प्रशासन की लापरवाही के चलते गांवों में घर-घर लोग बीमार हैं। आशंका है लोगों में डेंगू भी हो सकता है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की ढिलाई के कारण गांव में कहीं पर भी दवा का छिड़काव नहीं किया गया है।
इसके साथ ही दवा का छिड़काव भी गांव में अभी तक नहीं हुआ है। ग्राम निवासी लक्ष्मण यादव, रमेश यादव, राजेश यादव, दामोदर सिंह, जयप्रकाश यादव, दयाल, बृजेश यादव, मथुरा प्रसाद, सुखबीर यादव आदि ने गांव में दवा छिड़कने व कैंप लगाकर मरीजों का इलाज कराने की मांग जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग से की है।
गौसना गांव में पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम
राया क्षेत्र में लगातार मिल रहे डेंगू के मरीजों के बाद शनिवार को गौसना गांव में स्वास्थ्य विभाग ने कैंप लगाकर लोगों का परीक्षण किया। सोनई सीएचसी प्रभारी
डॉक्टर अरविंद कुमार के निर्देशन में नेशनल मोबाइल मेडिकल यूनिट द्वारा गांव में चिकित्सकीय शिविर का आयोजन किया। शिविर में लगभग 85 लोगों को दवाएं वितरित की गई। वहीं ब्लड सैंपल लिए गए। टीम में एमएमयू कोऑर्डिनेटर योगेंद्र सिंह भदोरिया, डॉक्टर दीपक तिवारी, लैब टेक्नीशियन ज्ञानेंद्र सिंह, फार्मासिस्ट विनोद कुमार, स्टाफ नर्स राहुल कुमार और पुरुषोत्तम सिंह उपस्थित रहे।