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Mathura News: गर्भवती महिलाओं में पानी की कमी प्रसव में बढ़ा रही खतरा

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मथुरा। जिले में लगातार बढ़ती गर्मी, उमस और स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही गर्भवती महिलाओं के लिए गंभीर खतरा बनती जा रही है। जिला महिला अस्पताल में प्रतिदिन 10 से अधिक गर्भवती महिलाएं उपचार के लिए पहुंच रही हैं। इनमें से अधिकांश को शरीर में पानी और पोषक तत्वों की कमी पाई जा रही है। चिकित्सकों के अनुसार यह स्थिति न सिर्फ मां के लिए, बल्कि गर्भ में पल रहे शिशु के लिए भी घातक साबित हो सकती है। इसलिए चिकित्सक गर्भवती महिलाओं के उपचार के साथ ही उन्हें ज्यादा से ज्यादा पानी पीने की सलाह दे रहे हैं।
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महिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. अनिल कुमार पुर्वानी ने बताया कि गर्भावस्था के दौरान शरीर में पानी की पर्याप्त मात्रा बने रहना बहुत जरूरी है। पानी की कमी से डिहाइड्रेशन, हाई ब्लड प्रेशर, मांसपेशियों में खिंचाव और समय से पहले प्रसव जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इससे शिशु का विकास प्रभावित होता है और कई मामलों में जन्म के समय शिशु का वजन भी सामान्य से कम रहता है।
ग्रामीण क्षेत्रों से आने वालीं अधिकांश महिलाएं पोषण की दृष्टि से भी बेहद कमजोर हैं। उन्होंने बताया कि कई महिलाएं गर्भावस्था के दौरान सिर्फ दो समय भोजन करती हैं और दिनभर में पानी की मात्रा भी बेहद कम रहती है। इसके अलावा पर्याप्त आयरन, कैल्शियम और फोलिक एसिड न लेने से शरीर में आवश्यक तत्वों की कमी हो जाती है, जिससे शिशु के अंगों का विकास बाधित होता है।
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चिकित्सक की सलाह
गर्भवती महिलाओं को प्रतिदिन कम से कम 3 से 4 लीटर पानी पीना चाहिए। इसके साथ ही नारियल पानी, नींबू पानी, छाछ जैसे प्राकृतिक पेय पदार्थ भी पीने चाहिए। इससे भी शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद मिलती है। इसके अलावा संतुलित आहार, आयरन, कैल्शियम सप्लीमेंट्स का नियमित सेवन बहुत जरूरी है।


स्वास्थ्य विभाग चला रहा जागरूकता अभियान
सीएमओ डॉ. संजीव कुमार यादव ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से गांव-गांव जाकर गर्भवती महिलाओं को पोषक तत्व लेने के प्रति जागरूक करने में लगा है। बावजूद इसके गर्भवती महिलाएं अपने खान-पान में सुधार नहीं कर रही हैं।
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