मथुरा। स्वास्थ्य विभाग में प्रयोगशाला सहायकों के वेतन में गड़बड़ी का मामला पकड़ में आया है। दस वर्ष से पांच प्रयोगशाला सहायक अधिक वेतन ले रहे थे। मामला सामने आने के बाद सीएमओ ने कमेटी गठित कर जांच शुरू कर दी है।
मामले का खुलासा एक प्रयोगशाला सहायक के सेवानिवृत्त होने पर हुआ है। बताया गया कि स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत प्रयोगशाला सहायक रोशनलाल वर्मा ने सेवानिवृत्ति के बाद एरियर की मांग की थी। राज्य स्तर से जब इसके लिए बजट मांगा गया तो वहां विसंगतियां सामने आईं। विभाग ने वेतन निर्धारण पुन: करके प्रेषित करने के निर्देश दिए। इसके बाद चार लोगों के नाम सामने आये जिन्होंने दस वर्ष तक अधिक वेतन लिया।
बताया गया कि विभाग के प्रयोगशाला सहायक राकेश दीक्षित राल, सुशील कुमार राल, घनश्याम जायसवाल सोनई, विशन कुमार गोवर्धन अतिरिक्त वेतन ले रहे थे। प्रयोगशाला सहायक 4200 की जगह 4600 ग्रेड का वेतन ले रहे थे। प्रयोगशाला सहायक अब तक लाखों रुपये का अतिरिक्त वेतन ले चुके थे। मामले की जांच के लिये सीएमओ की अध्यक्षता में कमेटी बैठी है। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग के बाबुओं की मिलीभगत की भी जांच की जा रही है।
इस मामले में सीएमओ डॉ. एके वर्मा ने बताया कि अधिक वेतन लेने वाले प्रयोगशाला सहायकों के मामले की जांच की जा रही है। जांच में गड़बड़ी सामने आने पर रिकवरी की जायेगी। उन्होंने बताया कि इन प्रयोगशाला सहायकों ने वेतन बढ़ोतरी के मामले में किसी शासनादेश का हवाला दिया गया है। इसका दोबारा परीक्षण कराया जा रहा है।