केरल की संत मां अमृतानंदमयी अम्मा भगवान का कृष्ण की पावन क्रीड़ा भूमि वृंदावन में प्रवास भावनाओं और ब्रज की प्रेममयी सुवास से भरपूर रहा। तीन दिन प्रवास के दौरान अम्मा हर पल भगवान कृष्ण की भक्ति में डूबी नजर आईं। शनिवार सुबह अम्मा ने ठाकुर बांकेबिहारी के दर्शन और पूजा-अर्चना की।
हर बीतते क्षण के साथ अम्मा ब्रज की आस्था और महिमा की गहराइयों में डूबतीं चलीं गईं। ठाकुरजी के दर्शनों के दौरान अम्मा पूर्णतया ब्रज के ढंग में रंग गईं। शनिवार सुबह 10:45 बजे अम्मा ने ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में प्रवेश किया।
मंदिर पहुंचने पर परंपरागत पद्धति से सेवायत घनश्याम गोस्वामी, मयंक गोस्वामी, मनोज गोस्वामी और बृजेश गोस्वामी ने वैदिक मंत्रोच्चारण के मध्य पूजन-अर्चन कराया। सेवायतों ने अम्मा को ठाकुरजी का प्रसादी इत्र, केसर चंदन, पटुका, पुष्पमाला और मोतीमाला भेंट कीं।
इसी के साथ उन्हें बांकेबिहारी का राजभोग प्रसाद दूधभात भी भेंटकर दीप प्रज्वलित कराया गया। ठाकुर बांकेबिहारी की बांकी और मनोहारी छवि अम्मा काफी देर तक अपलक निहारती रहीं। इस अवसर पर द ब्रज फाउंडेशन के अध्यक्ष विनीत नारायण, विहिप नगर अध्यक्ष सौरभ गौड़, श्रीकृष्ण सरस, विपिन व्यास, ध्रुव शुक्ला आदि उपस्थित थे।