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Mathura News: बलदेव में आनंद छायौ, ब्रजराज कौ जनम दिन आयौ

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बलदेव (मथुरा)। ब्रजराज श्रीदाऊ महाराज का जन्मोत्सव सोमवार को धूमधाम से मनाया जाएगा। इसकी शुरूआत सुबह 4 बजे शहनाई वादन से होगी।
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विशेष शृंगार दर्शन सुबह 4 बजे से, हलधर सहस्त्र नाम पाठ सुबह 7 बजे, वेदपाठी पंडितों द्वारा बलभद्र हवन यज्ञ सुबह 8 बजे होगा। जन्मोत्सव अभिषेक व दिव्य हीरा जवाहरात के दर्शन पूर्वाह्न 11 बजे होंगे। मंदिर के पुजारी रामनिवास शर्मा ने बताया प्राचीन परंपरा के अनुसार दधिकाधौं महोत्सव दोपहर 12 बजे होगा। इसमें लाला की छीछी के रूप में दही माखन, हल्दी, फल नारियल प्रसाद स्वरूप लुटाया जाएगा।
मल्ल विद्या के गुरु श्री दाऊजी महाराज के समक्ष नारियल प्रसाद लूटने के लिए मल्ल विद्या का प्रदर्शन होगा। दोपहर में तीन बजे से भव्य विशाल शोभायात्रा निकाली जाएगी। इस दौरान ‘नंद के आनंद भयौ जय दाऊदयाल की..., बिरज में जन्मे बलदेव बधाई बाजे घर-घर मंगलचार... आदि स्वर समाज गायन में सुनाई देंगे। घर-घर में पकवान, मिठाई, लड्डू, मठरी, गुजिया बना कर लोग अपने इष्ट को भोग लगाएंगे। शाम 7 बजे से सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा।
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सपने से मूर्ति का पता चला
दाऊजी की विशाल मूर्ति का श्रीकृष्ण के पौत्र ब्रजनाभ ने अपने पूर्वजों की पुण्य स्मृति में निर्माण कराया था। बलरामजी का यह विग्रह जो द्वापर युग के बाद काल शेष से भूमिस्थ हो गया था। गोकुल में महाप्रभु बल्लभाचार्य के पौत्र गोस्वामी गोकुल नाथजी को बलदेवजी ने स्वप्न दिया कि श्यामा गाय जिस स्थान पर प्रतिदिन दूध स्रावित कर जाती है, उस स्थान पर भूमि में उनकी मूर्ति दबी है। उन्होंने भूमि की खोदाई करा कर श्रीविग्रह को निकाला। गोस्वामी ने विग्रह को तपस्वी कल्याणदेवजी को पूजा अर्चना के लिए सौंप दिया। इसके बाद मंदिर का निर्माण कराया गया। तब से आज तक कल्याणदेवजी के वंशज ही मंदिर में पूजा सेवा कर रहे हैं।




जो करे मंगला कभी न होय कंगला...
जनपद मुख्यालय से 18 किलोमीटर दूर स्थित बलदेव नगरी में बलरामजी का श्रीविग्रह करीब आठ फीट ऊंचा, साढ़े तीन फीट चौड़ा और श्यामवर्ण है। पीछे शेष नाग सात फनों से युक्त मूर्ति की छाया करते हैं। विग्रह नृत्य मुद्रा में है। दाहिना हाथ सिर से ऊपर वरद मुद्रा में है। विशाल नेत्र, भुजाएं, भुजाओं में आभूषण, कलाई में कड़ूला है। मुकुट में बारीक नक्काशी है। दाऊजी पैरों में आभूषण और कमर में धोती पहने हैं। मूर्ति के कान में कुंडल, कंठ में बैजयंती माला है। मूर्ति के सिर के ऊपर के तीन बलय हैं। मान्यता है मंगला के जो दर्शन करता है, वह कभी कंगला नहीं हो सकता।
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बलदेव में लगा जाम, भक्त परेशान
बलदेव छठ से एक दिन पहले रविवार को जब श्रद्धालु नगर में उमड़े तो हर ओर जाम लग गया। हथकौली रोड, कैलाश रोड, बरौली रोड पर जाम से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। थानाध्यक्ष त्रिलोकी सिंह ने कहा हथकौली रोड पर वाहन चालकों की लापरवाही व भीड़भाड़ से जाम की स्थिति बनी।
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