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साइड स्टोरी..वादी का पक्ष सुना जाना जरूरी: अदालत

Thu, 06 Apr 2023 12:23 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
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मथुरा। ईदगाह की अमीन रिपोर्ट संबंधी आदेश की कार्यवाही रुकवाने के लिए प्रतिवादी संख्या दो सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के अधिवक्ता जीपी निगम ने सिविल जज सीनियर डिवीजन फास्ट ट्रैक कोर्ट की अदालत में प्रार्थना पत्र दिया था। इसमें उन्होंने अदालत को बताया कि इस मामले में पहले आदेश 7 नियम 11 सीपीसी के प्रार्थना पत्र को निस्तारित किया जाना जरूरी है, जबकि ईदगाह के निरीक्षण के लिए अमीन रिपोर्ट जारी करने का आदेश पारित कर दिया गया है। ऐसे में अमीन रिपोर्ट की कार्यवाही स्थगित की जाए। अदालत ने कहा कि 8 दिसंबर 2022 के आदेशानुसार ईदगाह पक्ष को सुनवाई के लिए आपत्ति का अवसर देते हुए प्रतिवादीगण को नोटिस जारी किए और इसी दिन अमीन रिपोर्ट का आदेश किया था। इसी आदेश की पालन में ही अमीन रिट जारी की है। जबकि आदेश 7 नियम 11 का प्रार्थना पत्र सुनवाई के लिए लंबित है। इसलिए पहले इस प्रार्थना पत्र का निस्तारण किया जाना चाहिए और वादी पक्ष को सुना जाना आवश्यक है। ऐसे में अंतिम रूप से 11 अप्रैल तक अमीन रिपोर्ट की कार्यवाही स्थगित की जाती है।
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अदालत ने स्थगनादेश में क्या कहा

ईदगाह की इंतजामिया कमेटी के सचिव एडवोकेट तनवीर अहमद ने बताया कि अदालत ने हमारे प्रार्थना पत्रों के तथ्यों के आधार पर अमीन रिपाेर्ट संबंधी आदेश को स्थगित किया है। अदालत ने माना है कि पहले आदेश 7 नियम 11 पर सुनवाई होना जरूरी है। इस संबंध में सिविल जज सीनियर डिवीजन तृतीय की अदालत की पत्रावली की जानकारी भी दी है। अधिवक्ता ने बताया कि 25 जनवरी 2023 को सिविल जज सीनियर डिवीजन तृतीय ने आदेश किया था कि किसी भी सुनवाई से पहले आदेश 7 नियम 11 पर सुनवाई आवश्यक है। उन्होंने बताया कि पत्रावली पर 30 क और 32 क की सुनवाई 29 मार्च तक चली आ रही थी। अदालत बदलने पर वादी के अधिवक्ता द्वारा अलग से प्रार्थना पत्र दिया गया, जिसमें पूर्व में चली आ रही न्यायालयीय प्रक्रिया की जानकारी नहीं दी गई। अदालत ने न केवल अपने आदेश को स्थगित किया है बल्कि अमीन रिट भी वापस ले ली।



हमें अदालत के आदेश की जानकारी मीडिया के माध्यम से हुई है। प्रतिवादीगण ने क्या प्रार्थनापत्र दिया है हमें नहीं मालूम। यह एकतरफा आदेश है। अदालत ने सुनवाई के लिए 11 अप्रैल की तारीख तय की है। उस दिन हम अपना पक्ष रखेंगे।
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- शैलेष दुबे, अधिवक्ता पक्षकार

आदेश किया था रिजर्व
सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड द्वारा दिए गए प्रार्थनापत्र पर मंगलवार को अदालत ने आदेश रिजर्व कर लिया था। इसी आदेश को अदालत ने बुधवार को जारी करते हुए ईदगाह की अमीन रिपोर्ट संबंधी आदेश को स्थगित कर सुनवाई की अगली तिथि 11 अप्रैल तय कर दी। सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के अधिवक्ता जीपी निगम और ईदगाह के सचिव एडवोकेट तनवीर अहमद ने बताया कि अदालत ने उनके प्रार्थनापत्र पर अमीन रिपोर्ट संबंधी आदेश को 11 अप्रैल तक स्थगित कर दिया है। पक्षकार विष्णु गुप्ता के अधिवक्ता शैलेष दुबे ने भी इसकी पुष्टि की है।




अमीन रिपोर्ट की तारीख होनी थी तय



अदालत ने 29 मार्च को ईदगाह की अमीन रिपोर्ट संबंधी आदेश किए थे। बुधवार को अमीन द्वारा ईदगाह में पहुंचकर रिपोर्ट तैयार करने की तारीख तय की जानी थी, लेकिन इससे पहले ही अदालत ने अपने आदेश को स्थगित कर दिया। गौरतलब है कि हिंदू सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु गुप्ता ने श्रीकृष्ण जन्मस्थान की 13.37 एकड़ जमीन पर मौजूद ईदगाह को हटाने के लिए अदालत में वाद दायर किया था। उन्होंने इसमें श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान तथा ईदगाह इंतजामिया कमेटी के बीच 1968 में हुए समझौते को भी चुनौती दी थी। इसी के चलते श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान तथा श्रीकृष्ण जन्मस्थान ट्रस्ट को भी प्रतिवादी बनाया गया था। गत 29 मार्च को सिविल जज सीनियर डिवीजन फास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायाधिकारी नीरज गोंड ने ईदगाह की अमीन रिपोर्ट संबंधी आदेश कर दिया था। यह रिपोर्ट 17 अप्रैल तक देनी थी। इसके बाद ईदगाह इंतजामिया कमेटी व सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के सदस्यों में खलबली मच गई और उन्होंने अमीन रिपोर्ट की कार्यवाही रुकवाने के लिए अदालत में तीन प्रार्थनापत्र दिए।
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