नौहझील। जिला मुख्यालय से 55 किमी दूर स्थित नौहझील-बाजना क्षेत्र में परिवहन निगम की बसों के अनियमित संचालन से दैनिक यात्रियों को परेशानी हो रही है। सर्दी में लोगों को टेंपो या अन्य डग्गामार वाहनों से यात्रा करनी पड़ रही है। रोजवेज बसों का आलम यह है कि कभी लगातार 1 घंटे में तीन-तीन बस चलती हैं तो कभी तीन-तीन घंटे तक कोई बस नहीं मिलती। नौहझील से दोपहर 3 बजे के बाद मथुरा के लिए कोई बस नहीं चलती।
नौहझील से बाया छाता-शेरगढ़ होते हुए मथुरा तक जेनर्म बसें चलती हैं। इसी तरह मथुरा से नौहझील के लिए अंतिम बस चलने का भी कोई निश्चित समय नहीं है। शिक्षक शिवनंदन चौधरी ने बताया कि मथुरा से सुबह नौहझील-बाजना आने के लिए बसों का कोई निश्चित समय नहीं है। शिक्षक एवं अन्य सरकारी कर्मचारी विभिन्न वाहनों को बदल कर धक्के खाते हुए अपने कार्यस्थल तक पहुंचते हैं।
शिक्षक सत्य प्रकाश, गोल्डी, प्रमोद हितैषी, अनंत कुमार, कुलदीप पाठक, किरनजीत कौर, जयप्रकाश, परसादी लाल आदि ने एआरएम से मांग की है कि मथुरा से नौहझील के लिए सुबह 7:30 और 8 बजे और दोपहर 3 बजे नौहझील से मथुरा बसों का संचालन कराया जाए। व्यापारी लाखन सोनी ने मांग की है कि नौहझील से शाम को 5 बजे मथुरा के लिए बस चलाई जाए। बसों के अनियमित संचालन को लेकर जेनर्म के एआरएम राजेंद्र सिंह ने बताया कि उनके संज्ञान में लोगों की समस्या पहली बार आई है। वह इस समस्या का शीघ्र ही समाधान कराने का प्रयास करेंगे।