मथुरा। कोसीकलां के कोटवन में विकसित हो रहे औद्योगिक क्षेत्र के लिए रैनीवेल के माध्यम से जलापूर्ति होगी। कोसी क्षेत्र के भूगर्भ जल का टीडीएस मानक से अधिक होने पर जल निगम ने यह निर्णय लिया है। 30 किमी दूर गांव धनौता में यमुना किनारे रैनीवेल सिस्टम विकसित होगा, ताकि औद्योगिक क्षेत्र में पाइपलाइन के माध्यम से पर्याप्त मात्रा में जलापूर्ति हो सके। इस परियोजना में करीब 120 करोड़ रुपये की लागत आएगी।
दरअसल, यूपीसीडा (उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण) कोटवन में औद्योगिक क्षेत्र का विस्तार कर रहा है। यहां पर करीब 200 एकड़ भूमि में नए उद्योग लगाने की योजना है। इस परियोजना पर यूपीसीडा ने करीब 500 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान लगाया है। फिलहाल यह परियोजना प्रस्तावित है। इससे पहले औद्योगिक क्षेत्र के लिए जलापूर्ति की तैयारी शुरू हो गई है।
जल निगम ने जलापूर्ति के लिए गांव धनौता से 600 एमएम की पाइपलाइन द्वारा 16 एमएलडी पानी सप्लाई करने का खाका खींचा है। इससे पहले यमुना किनारे रैनीवेल सिस्टम विकसित किया जाएगा। इसमें यमुना के सहारे जल स्रोतों को तलाशा गया है। अधिकारियों को यमुना किनारे पर्याप्त मात्रा में जल स्रोत खोजने में सफलता हाथ लगी है। अब रैनीवेल सिस्टम के तहत यमुना के सहारे दो कुओं का निर्माण कराया जाएगा, फिर जालीदार भूमिगत पाइप डालकर चिन्हित जगह पानी पहुंचेगा। यहां से पानी को शोधित करके औद्योगिक क्षेत्र में आपूर्ति की जाएगी। जल निगम की टीम ने बुधवार को गांव धनौता में यमुना किनारे निरीक्षण किया और जल्द ही परियोजना को विकसित करने की बात कही।
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भूमिगत जल की तलाश विफल होने पर लिया रैनीवेल का निर्णय
रैनीवेल सिस्टम विकसित करने से पहले जल निगम ने कोसीकलां क्षेत्र में भूमिगत जल की तलाश की थी, लेकिन यह प्रयोग सफल नहीं हो सका। दर्जनों ग्राम पंचायतों में पानी का टीडीएस न्यूनतम 800 और अधिकतम 3500 पाया गया, इसलिए जल निगम का यह प्रयोग फेल हो गया। इसके बाद रैनीवेल सिस्टम के तहत जलापूर्ति करने का निर्णय लिया गया है।
भविष्य में कोसीकलां में भी होगी पेयजल आपूर्ति
अधिकारियों के मुताबिक, वर्तमान में औद्योगिक क्षेत्र में रैनीवेल सिस्टम के तहत जलापूर्ति होगी। यह प्रयोग अगर सफल रहा तो भविष्य में कोसीकलां कस्बा के लिए भी इसी सिस्टम के तहत पेयजल आपूर्ति की जाएगी। फिलहाल इसकी भी रूपरेखा तैयार की जा रही है। भूमिगत जल की तलाश में दर्जनों टेस्टिंग फेल होने के बाद यह फैसला लिया गया है।
कोटवन में औद्योगिक क्षेत्र के लिए 16 एमएलडी जलापूर्ति की जाएगी। इसके लिए गांव धनौता में यमुना किनारे रैनीवेल सिस्टम विकसित किया जाएगा। इसके बाद पाइपलाइन के माध्यम से कोटवन में पानी की आपूर्ति होगी। इस परियोजना पर 120 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है। अगर यह प्रयोग सफल रहा तो भविष्य में कोसीकलां कस्बा में भी ऐसे ही पेयजल आपूर्ति की जाएगी।
-नसीम अहमद सिद्दीकी, सहायक अभियंता जल निगम