कोसीकलां। यूक्रेन और रूस के विवाद बढ़ते तनाव और युद्ध की आशंका से वहां पढ़ाई के लिए भारतीय छात्रों के माता-पिता परेशान हैं। उन्हें हर पल अपने बच्चों की चिंता सता रही है। यूक्रेन में फंसे बच्चों को वापस लाने की मांग की है। कोसीकलां की एक छात्रा भी वहां रहकर एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही है। परिजन फंसे विद्यार्थियों को एयरलिफ्ट कराने की मांग सरकार से की है।
आर्य नगर निवासी करन सिंह एडवोकेट की पुत्री याशिका सिंह खारखिव विश्व विद्यालय में एमबीबीएस कर रही है। दिसंबर में आगरा, दिल्ली, रोहतक के अपने साथियों के साथ यूक्रेन के खारखिब शहर गई थी। याशिका के पिता ने बताया कि यूक्रेन में सभी भारतीय छात्र सुरक्षित हैं और अपने घर से ही ऑनलाइन पढ़ाई कर रहे हैं लेकिन इस संकट के बीच दो सप्ताह बाद कॉलेज प्रशासन ने उन्हें ऑफलाइन पढ़ाई के लिए कॉलेज आने को कहा है, लेकिन इससे छात्र और उनके परिजन चिंतित हैं।
वहां की स्थिति को लेकर भारतीय दूतावास के संपर्क में हैं। बताया जा रहा है कि सभी सही-सलामत और सुरक्षित हैं और अपने-अपने परिजनों से संपर्क में हैं। बॉर्डर पर तनाव की स्थिति देखकर छात्र भारत लौटने का मन बना रहे हैं।
नहीं मिल रही एयर टिकट
करन सिंह बताते हैं कि कोविड-19 की वजह से भी छात्रों की शिक्षा पर खासा प्रभाव पड़ा है। वहीं, यूक्रेन में युद्ध के हालात पर वहां इंडियन एंबेसी की ओर से भारतीय छात्रों को अचानक 15 फरवरी को यूक्रेन छोड़ने की एडवाइजरी जारी करने से परिवार गहरी पशोपेश में है। यूक्रेन में युद्ध संकट की वजह से वहां से दिल्ली/भारत की वापसी की फ्लाइट का किराया भी एक लाख से डेढ़ लाख रुपयों तक प्रति यात्री लिया जा रहा है, जबकि नॉर्मल समय में ये किराया 22-23 हजार रुपये होता है।