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कथित पत्रकार-पुलिस की अवैध वसूली का पर्दाफाश, सात पकड़े

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मथुरा/फरह। आगरा-दिल्ली हाईवे पर ट्रकों से अवैध वसूली करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस की मिलीभगत से चल रहे इस गिरोह में कथित चार पत्रकार और दरोगा समेत तीन पुलिसकर्मी गिरफ्तार किए गए हैं। बुधवार की रात फरह के महुअन टोल पर आगरा से कुरुक्षेत्र के इस्माइलाबाद जा रहे चावल से भरे ट्रक को रोककर तीन लाख रुपये की मांग की गई थी। न देने पर जान से मारने की धमकी भी दी गई। आईजी के हस्तक्षेप के बाद मथुरा पुलिस को मजबूरी में यह कार्रवाई करनी पड़ी।
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आगरा के कमलानगर, बल्केश्वर निवासी कृष्णा अग्रवाल पुत्र मुकेश अग्रवाल गल्ला व्यापारी हैं। उनका बुधवार को चावल से भरा ट्रक कुरुक्षेत्र के इस्माइलाबाद चला। ट्रक को सिरसा के एलनाबाद निवासी अमरजीत सिंह चला रहा था। ट्रक को फरह के महुअन टोल पर होंडा सिटी कार लगाकर रोक लिया गया। अपने को पत्रकार बताने वाले इन चार लोगों ने तीन पुलिसकर्मियों के संग मिलकर चालक से तीन लाख रुपये की मांग की। न देने पर जान से मारने की धमकी भी दी।
चालक ने मालिक को पूरा मामला बताया तो आईजी नवीन अरोरा को जानकारी दी गई। फिर क्या था हरकत में आई पुलिस ने सातों लोगों को पकड़ लिया। एसपी सिटी मार्तंड प्रकाश सिंह ने बताया कि कथित पत्रकार बताने वाले महिला समेत चार और तीन पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया गया है। चावल से भरे ट्रक को पकड़कर तीन लाख रुपये की अवैध वसूली की मांग करने पर यह कार्रवाई हुई है। दरोगा और दोनों सिपाही निलंबित कर दिए गए हैं।
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पुलिस की साख का लगा बट्टा, फिर भी अफसर मौन
आईजी नवीन अरोरा के संज्ञान में यह मामला नहीं आता तो फरह पुलिस की मिलीभगत से यह अवैध वसूली का खेल बदस्तूर चलता रहता। कृष्णा अग्रवाल के अुनसार तीन सितंबर को भी उनके चावल से भरे ट्रक को छटीकरा चौराहे पर रोका गया था। पुलिस की मिलीभगत से यह कथित पत्रकार दो लाख रुपये की अवैध वसूली कर चुके हैं। पकड़े गए चारों के संग एक बीएस छौंकर और किशन गोपाल भी शामिल थे। इसके अलावा सात सितंबर को भी गोवर्धन चौराहे पर उनके ट्रक को रोककर दो लाख रुपये की मांग की थी। तब भी इन कथित पत्रकारों ने पुलिस में बंद कराने की धमकी दी थी। यह अवैध वसूली तो लगातार पुलिस की मिलीभगत से चल रही थी। खासकर फरह पुलिस के इंस्पेक्टर और अफसरों को न पता होना भी सवाल खड़े करता है।
वहीं, गल्ला व्यापारी ने तीन सितंबर को दो लाख रुपये की हुई वसूली के बाद इसकी शिकायत एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर से की थी। एसएसपी ने शिकायत मिलने पर इसकी जांच एसपी क्राइम को दी थी। जांच के दौरान भी बेखौफ होकर पुलिसकर्मी और कथित पत्रकार अवैध वसूली में लिप्त रहे।
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इन पर है अवैध वसूली का आरोप
- अजित कुमार पुत्र दशरथ सिंह निवासी राम नगला, चांदपुरकलां (नौहझील)
- जितेंद्र शर्मा उर्फ जीतू पुत्र श्याम शर्मा निवासी बिसावर, सादाबाद (हाथरस)
- बहादुर पुत्र ओमप्रकाश सिंह निवासी ग्राम भूड़ा (बरौली)
- रिचा शर्मा निवासी लक्ष्मीनगर, जन्मभूमि के पास।
- उपनिरीक्षक दिगंबर सिंह थाना फरह।
- मुख्य आरक्षी नरेश कुमार थाना फरह।
- आरक्षी जितेंद्र राघव थाना फरह।
यह हुई बरामदगी
- 10 फर्जी प्रेसकार्ड/आईडी विभिन्न न्यूज चैनल के नाम से।
- चार एंड्रोयड फोन विभिन्न कंपनियों के।
- होंडा सिटी कार यूपी-14 एक्यू-1440।
- वैगनआर कार यूपी-85 बीएक्स-3116।
- चार पर्स एवं 4712 रुपये।
यह लगाई गईं धाराएं
- 386, 420, 467, 468, 471, 419 व 342
आरोपी जितेंद्र शर्मा उर्फ जीतू का आपराधिक इतिहास
लूट, चोरी, आर्म्स एक्ट, एनडीपीएस एक्ट आदि करीब आधा दर्जन मुकदमे कोतवाली में दर्ज हैं।
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