भारत सरकार की हेरिटेज सिटी प्लानिंग में सबसे पहले ब्रज के अति प्राचीन धरोहर स्थलों का विकास होगा। इसमें मंदिर बांकेबिहारी, द्वारिकाधीश, विश्रामघाट, कुसुम सरोवर शामिल हैं। कंपनी ने प्लानिंग पर काम शुरू करने से पहले 550 हेरिटेज साइट का अध्ययन कर लिया है।
सोमवार को कंपनी प्रतिनिधि दिव्य गुप्ता और धर्मेंद्र मिश्रा ने मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण सभाकक्ष में जनप्रतिनिधि, अफसर और बुद्धजीवी वर्ग के लोगों के समक्ष अपना प्रेजेंटेशन दिया। इसमें कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि भारत सरकार की योजना के अनुसार मथुरा हेरिटेज सिटी के लिए अब तक 550 स्थलों का अध्ययन किया है।
जिसमें वर्तमान हालत, पर्यटन की दृष्टि से डेवलपमेंट की आवश्यकता और डेवलपमेंट में प्राथमिकता आदि का अध्ययन शामिल है। उन्होंने बताया कि हेरिटेज सिटी डेवलपमेंट के प्रथम चरण में अति प्राचीन स्थलों पर काम होगा। इसके लिए बांकेबिहारी मंदिर, द्वारिकाधीश मंदिर, यमुना का विश्राम घाट, गोवर्धन में कुसुम सरोवर आदि केंद्र बिंदु रहेंगे।
यहां पर्यटकों के आवागमन और आकर्षित करने की योजना भी उन्होंने जाहिर की। उन्होंने यह भी बताया कि अब तक किए गए अध्ययन में क्या स्थिति सामने आई है। इस दौरान डीएम राजेश कुमार, विकास प्राधिकरण से उपाध्यक्ष नगेंद्र प्रताप, नगर पालिका चेयरमैन मनीषा गुप्ता, एडीएम सुरेंद्र कुमार शर्मा, एसडीएम सदर राजेश कुमार सहित विभिन्न विभाग के अफसर मौजूद थे।