मथुरा। भाजपा में टिकट बंटवारे के दौरान हेमामालिनी को लेकर चर्चा थी कि उन्हें किसी अन्य सीट से चुनाव लड़ाया जाएगा। पार्टी मथुरा सीट पर किसी और चेहरे को चुनाव लड़ाएगी। मथुरा शहर विधायक श्रीकांत शर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष किशन सिंह चौधरी दावेदारों के फेहरिस्त में थे, लेकिन हेमामालिनी ने साफ कह दिया था कि वह चुनाव लड़ेंगी तो मथुरा से ही, वरना अपने घर चली जाएंगी। हेमा ने कहा था कि वह ब्रज की हैं। पार्टी हाईकमान को भरोसा दिलाया कि मथुरा के लोगों पर उन्हें पूरा विश्वास है कि वे इस बार चुनाव जिता देंगे। इस पर पार्टी ने तीसरी बार उन पर भरोसा जताया और चुनाव लड़ने का मौका दिया।
नामांकन कराने आए थे मुख्यमंत्री योगी
हेमामालिनी को टिकट मिली, तब पार्टी के कुछ लोगों ने विरोध भी किया। इस विरोध को दबाने के लिए ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हेमा मालिनी का नामांकन कराने के लिए मथुरा आए थे। नामांकन कराने के बाद जनसभा को भी संबोधित किया था। पार्टी सूत्रों का कहना है कि जब संगठन हेमा को कहीं दूसरी सीट से लड़ाने का मन बना रहा था तब योगी आदित्यनाथ ने इसका विरोध करते हुए कहा था कि हेमा को टिकट दें। वह निश्चित तौर पर जीतेंगी। हेमामालिनी को टिकट दिए जाने के बाद भाजपा में एक खेमा नाराज हो गया था। मगर, हेमामालिनी के कद के आगे कुछ बोल न सका। भीतरघातियों ने योगी आदित्यनाथ के बाद गृह मंत्री अमित शाह तक की रैली में भीड़ जुटाने में सहयोग न करके यह भी संदेश देने की कोशिश की थी कि हेमा चुनाव हार रहीं हैं।