श्रीकृष्ण जन्मस्थान-ईदगाह प्रकरण में 23 जनवरी को सुनवाई होनी थी। लेकिन एक वकील का निधन हो जाने पर यह यह सुनवाई नहीं हो सकी। मामले की सुनवाई के लिए अब 30 जनवारी की तारीख तय की गई है।
श्रीकृष्ण जन्मस्थान-ईदगाह प्रकरण में पुरातत्व विभाग को प्रतिवादी बनाकर वाद दायर किया गया है। इस वाद में सोमवार को एक अधिवक्ता के निधन के कारण सुनवाई नहीं हो सकी। अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 30 जनवरी की तारीख तय की है।
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एडवोकेट महेंद्र प्रताप सिंह ने दायर केस में कहा है कि औरंगजेब ने जब मंदिर तोड़ा था, उस समय विग्रहों को आगरा की बेगम साहिबा मस्जिद की सीढ़ियों के नीचे दबवा दिया गया। उन्होंने पुरातत्व विभाग से कहा है कि वह मूर्तियों को सीढ़ियों के नीचे से निकालकर मथुरा श्रीकृष्ण जन्मस्थान को सौंपे।
बताते चलें कि इसके अलावा मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि की 13.37 एकड़ जमीन पर दावा करने वाले मनीष यादव के अधिवक्ता सुरजीत यादव ने सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के अधिवक्ता जीपी निगम को केस से संबंधित कागजात सौंपे हैं। कागजातों पर वह 30 जनवरी को अपनी आपत्ति दाखिल करेंगे। इससे पूर्व मनीष यादव पक्ष आदेश 7 नियम 11 पर अपनी बहस पूरी कर चुका है।