सरकार की सर्व शिक्षा अभियान सहित कई योजनाओं के बाद भी सैंकड़ों बच्चे शिक्षा से वंचित हैं। झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले बच्चों के लिए भागवत प्रवक्ता नित्या किशोरी एक रोशनी बनकर आईं हैं। वह सड़कों पर घूमने वाले बच्चों को शिक्षित कर रहीं हैं। सड़क पर ही उनकी क्लास लगती है। अब उनकी क्लास में तीस बच्चे आने लगे है।
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धार्मिक नगरी वृंदावन में रहकर लोगों को धर्म पर चलने का रास्ता दिखाने वाली भागवत प्रवक्ता नित्या सोमवार से शनिवार तक सड़कों पर गाड़ियों के पीछे भागने वाले या झुग्गी झोंपड़ी में रहने वाले शिक्षा से दूर बच्चों को पढ़ाने का काम कर रहीं हैं। उन्होंने सड़क पर ही स्कूल लगा कर बच्चों को शिक्षा देने का काम शुरू कर दिया है। वह इन बच्चों को बैठने के लिए आसन के साथ ही कॉपी किताब और अन्य स्टेशनरी भी उपलब्ध करा रहीं हैं।
उनके इस जज्बे को देखकर आसपास के लोग भी सामने आने लगे हैं। बताया जा रहा है कि उनका बच्चों को पढ़ाने का सिलसिला जब शुरू किया था तो महज दो ही बच्चे उनके पास थे। अब यह आंकड़ा तीस तक पहुंच गया है। उनका मानना है कि बच्चे भले ही स्कूल ना जा रहे हों, लेकिन इतनी शिक्षा तो ग्रहण कर लें कि वह अपना नाम लिख सकें।
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खोलना चाहती हैं विद्यालय
भागवत प्रवक्ता नित्या पूरी लगन से बच्चों के लिए कार्य कर रहीं हैं। उनका कहना है कि वह गरीब व असहाय बच्चों के लिए एक विद्यालय खोलना चाहती हैं। इसमें बच्चे मुफ्त शिक्षा ग्रहण करें। साथ ही आगे चलकर अपने परिवार को गरीबी की बेड़ियों से आजाद कर सकें।