चैतन्य महाप्रभु के वृंदावन आगमन के पांच सौ वर्ष होने के उपलक्ष्य में ठाकुर राधारमण मंदिर में शीतकालीन निकुंज सेवा महोत्सव मनाया जा रहा है।
सोमवार की शाम इसमें केदारनाथ की झांकी सजाई गई थी। झांकी में ठाकुर राधारमण लाल के दर्शन कर भक्त अभिभूत नजर आए।
ठाकुर राधारमण लाल औलाई वेश में दर्शन दे सभी को माह रहे थे। राग सेवा में तरुण दास ने कनक कटोरा भरौ अमृत सों..., लाड़िली अच वाहै पड़ लै... और चिंतामणि चित बसौ रे सजनी... आदि भजन प्रस्तुत कर वातावरण में भक्ति रस घोल दिया।
केदारनाथ झांकी का महत्व बताते हुए आचार्य श्रीवत्स गोस्वामी ने कहा कि वैष्णवा: यथाशंभू...। पुराणों में भगवान शंकर को परम वैष्णव कहा गया है।
चैतन्य महाप्रभु अपने आराध्य ठाकुर राधारमण लाल को केदारनाथ लाए और यहां केदारेश्वर महादेव से उनका मिलन हुआ। मंदिर सेवायत वेणुगोपाल गोस्वामी और अभिनव गोस्वामी ने आगंतुकों का स्वागत किया। शयन आरती सुवर्ण गोस्वामी ने कराई।