नगर निगम के लिए इंतजार की घड़ियां अब खत्म होने जा रही हैं। प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव नए साल में ये सौगात कान्हा की नगरी को दे सकते हैं। शासन ने कमिश्नर आगरा से मथुरा-वृंदावन नगर निगम की अधिसूचना का विवरण मांगा है।
मथुरा को नगर निगम बनाए जाने की दो दशक पुरानी प्रक्रिया अब परवान चढ़ने जा रही है। जनपद स्तर से मथुरा-वृंदावन नगर निगम के लिए भेजे गए प्रस्ताव को अमली जामा पहनाए जाने के लिए शासन ने कमिश्नर आगरा से अधिसूचना का विवरण भेजने को कहा है।
यह विवरण हिंदी और अंग्रेजी में शासन को उपलब्ध कराया जाएगा। इसकी डिमांड कमिश्नर आगरा ने मथुरा डीएम से की है। इसमें यह भी कहा गया है कि यह प्रस्ताव मुख्यमंत्री की घोषणा बनना है। इसलिए आठ दिन में मथुरा-वृंदावन नगर निगम की अधिसूचना का विवरण उपलब्ध करा दिया जाए।
प्रदेश सरकार की गंभीरता का आंकलन इससे भी लगाया जा सकता है कि प्रस्तावित नगर निगम में शामिल होने वाली ग्राम पंचायतों से अब एनओसी लेने की आवश्यकता नहीं है। शासन ने ग्राम पंचायतों की एनओसी की अनिवार्यता को ही खत्म कर दिया है। संभावना जताई जा रही है कि नए साल में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव खुद इसकी घोषणा करेंगे। इसका उल्लेख अधिसूचना के संदर्भ में शासन से आए पत्र में भी किया गया है।
सपा ने लगाई पूरी ताकत
नगर निगम के लिए सपा ने पूरी ताकत लगा दी है। भले ही कांग्रेस और भाजपा के कुछ नेताओं के विरोधी स्वर सुनाई दे रहे हों लेकिन सपा ने नगर निगम के लिए मुख्यमंत्री के साथ सपा मुखिया मुलायम सिंह से भी मुलाकात की है। इस दौरान कुछ लोगों के उन हितों को भी उजागर किया है जो नगर निगम का विरोध का कारण बने हुए हैं।