छाता। प्रशासनिक नोटिसों के बावजूद छाता क्षेत्र में किसानों और भूतपूर्व सैनिकों का आंदोलन तेज हो गया है। एथनॉल प्लांट का विरोध कर रहे किसानों ने चीनी मिल की मांग दोहराते हुए प्रशासन द्वारा किसी भी कार्रवाई पर जेल भरो आंदोलन की चेतावनी दी है।
किसान नेता मुरारी ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में एथनॉल प्लांट की जगह केवल गन्ना चीनी मिल स्थापित की जानी चाहिए। प्रशासनिक रुख के खिलाफ एकजुट हुए किसान किसी भी सूरत में पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। किसानों का रुख दृढ़ है। इस दौरान अभय पाल सिंह, एडवोकेट देशराज सिंह, जबर प्रधान, बाबू भगत, रामहेत, श्री चंद, गोपीचंद, राजू, अतर, चरन सिंह, जीतपाल, पप्पू, निहाली, पवन, अरुण और भावना सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग व महिलाएं मौजूद रहीं।
छाता शुगर मिल के गेट पर बिना अनुमति चल रहे धरने पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। उपजिलाधिकारी छाता ने आंदोलन की अगुवाई कर रहे ललित कर्मयोगी (ललित फौजी) और जबर प्रधान को नोटिस जारी किया है। नोटिस में कहा गया है कि 5 सितंबर को गन्ना मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण ने मिल परिसर में उत्तर प्रदेश का पहला मल्टी-यूज एथनॉल प्लांट स्थापित करने की घोषणा की है। सरकार द्वारा किसानों के हित में बड़ा कदम उठाने के बाद इस धरने का कोई औचित्य नहीं है। साथ ही, यह प्रदर्शन बीएनएसी की धारा 163 (निषेधाज्ञा) का उल्लंघन है। प्रशासन ने तत्काल धरना समाप्त करने की चेतावनी दी है। ललित फौजी ने कहा कि वे नियमानुसार इसका जवाब देंगे।