मथुरा। देर रात खाना खाने से आंतों में बैक्टीरिया का संतुलन बिगड़ रहा है, जिसे मेडिकल भाषा में डिस्बायोसिस कहा जाता है। इसका सीधा असर इम्यून सिस्टम पर पड़ रहा है, जिससे गैस, अपचन, एसिडिटी और पेट से जुड़ी अन्य समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं।
जिला अस्पताल में ऐसे रोगियों की संख्या में लगातार इजाफा देखा जा रहा है। अस्पताल के ओपीडी आंकड़ों के अनुसार प्रतिदिन 70 से 80 मरीज गैस, अपच, पेट दर्द, भारीपन और भूख न लगने जैसी समस्याओं से पीड़ित होकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ.नीरज अग्रवाल ने बताया कि ऐसे मरीजों में बड़ी संख्या युवाओं और कामकाजी वर्ग की है, जो देर रात भोजन करने और अनियमित दिनचर्या के आदी हैं। उन्होंने कहा कि देर रात भोजन करने से पाचन तंत्र को पर्याप्त समय नहीं मिल पाता। उन्होंने मरीजों को रात का भोजन सोने से कम से कम दो से तीन घंटे पहले करने, अधिक पानी पीने और पेट संबंधी परेशानी होने पर स्वयं दवा लेने के बजाय डॉक्टर से परामर्श लेने की सलाह दी है। संवाद