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Mathura News: अधिग्रहण में अटका आधुनिक टाउनशिप में आशियाने का सपना

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मथुरा। मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण (एमवीडीए) के फरह के रहीमपुर में आधुनिक टाउनशिप में आशियाने का सपना देख रहे लोगों को फिलहाल इंतजार करना पड़ेगा। एमवीडीए और किसानों के बीच सहमति न बनने से भूमि अधिग्रहण का काम रुक गया है। करीब 350 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रही योजना के लिए प्राधिकरण 91 हेक्टेयर भूमि के सापेक्ष केवल 63 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहीत कर सका है। एमवीडीए ने दिसंबर 2024 में फरह के रहीमपुर और छाता में आधुनिक टाउनशिप बनाने का खाका खींचा था। रहीमपुर आवासीय योजना के लिए 91 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण का लक्ष्य रखा गया था, जिसमें से प्राधिकरण ने 63 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया था। वहीं, 350 करोड़ की छाता आवासीय योजना के लिए 117 हेक्टेयर भूमि का लक्ष्य था। इसका कार्य लगभग पूरा हो चुका है। सितंबर 2025 में एवीडीए को दोनों योजनाओं को लॉन्च करना था लेकिन फरह के किसानों ने कम रेट मिलने का हवाला देते हुए जमीन का बैनामा करने से मना कर दिया।
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किसानों का तर्क है कि प्राधिकरण उन्हें 2013 के सर्किल रेट के आधार पर कीमत दे रहा है, जो वर्तमान भूमि के मूल्य से काफी कम है। वहीं, प्राधिकरण का कहना है कि वह नियमानुसार सर्किल रेट के चार गुना के हिसाब से किसानों को भुगतान कर रहा है। दोनों पक्षों में सहमति न बनने पर किसानों ने योजना के खिलाफ न्यायालय में वाद दायर कर दिया है। इसके बाद अब प्राधिकरण किसानों को समझाने में लगा हुआ है।
ब्रज पौराणिक थीम पर होगा पौधरोपण
टाउनशिप में ब्रज पौराणिक थीम पर आधारित पौधरोपण किया जाएगा। इससे श्रद्धालु व पर्यटक टाउनशिप में प्रवास के लिए आकर्षित हो सकेंगे। इसके अलावा रेसिडेंशियल, कमर्शियल, अस्पताल, वेयर हाउस, थीम पार्क, रिसॉर्ट, वेलनेस रिसॉर्ट, आयुर्वेदिक हॉस्पिटल, फूड प्लाजा, फैक्टरी आउटलेट, शैक्षणिक क्षेत्र एसटीपी प्लांट, रेन वाटर हार्वेस्टिंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। साथ ही दो मुख्य 30 मीटर के मार्गों को आपस में कनेक्ट किया जाएगा।
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किसानों से बातचीत कर किया जाएगा समस्या का समाधान
फरह के लिए करीब 63 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जा चुका है। किसानों की समस्या का बातचीत के आधार पर हल निकाला जा रहा है। वहीं, जो किसान न्यायालय गए हैं, उनसे भी बातचीत की जा रही है। - आशीष सिंह, सचिव एमवीडीए
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