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पॉश मशीन से गायब, दुकान पर मिले खाद के बैग ण्

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मथुरा। खाद बीज की दुकानों से लेकर गेहूं और धान की बिक्री में खुद किसान कालाबाजारी को बढ़ावा दे रहे हैं। उनके द्वारा पॉश मशीन पर अंगूठा लगाकर सरकारी सामान दुकानदार को ही बेच दिया जाता है। ऐसा ही एक मामला शुक्रवार को खाद की दुकान पर छापा मारा तो यह मामला प्रकाश में आया, जिसमें पॉश मशीन में मात्र 36 खाद के बैग मिले, जबकि दुकानदार के यहां 179 खाद के बैग मिले। जिला कृषि अधिकारी ने दुकान को सील कर लाइसेंस निरस्त कर दिया और नमूने जांच के लिए भेजे हैं।
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जिला कृषि अधिकारी अश्वनी कुमार सिंह शुक्रवार को बरारी स्थित एग्री जंक्शन केंद्र रिफाइनरी पर पहुंचे। वहां पर जब पॉश मशीन की जांच की तो मात्र 36 खाद के बैग मिले। जबकि दुकान में 179 खाद के बैग थे। इसके अलावा दुकान पर न तो स्टॉक रजिस्टर मिला न कैश मीमो और ना ही रेट बोर्ड लगा मिला। जिला कृषि अधिकारी ने खाद के नमूने एकत्रित कर दुकान को सील कर दिया और लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई की। उन्होंने बताया कि दुकानदार की ओवर रेटिंग की शिकायत पर वह गए थे। नमूनों की रिपोर्ट गलत पाए जाने पर दुकानदार के खिलाफ एफआईआर की जाएगी।
क्या है पॉश मशीन
दरअसल, सरकार ने प्रत्येक दुकानदार को पॉश मशीन इसलिए दी है कि उसमें किसान का अंगूठा लगवा कर ही उसे खाद दी जा सकती है। परंतु बहुत से किसान अंगूठा लगाकर सरकारी सब्जिडी की कीमत वसूल कर अपने हिस्से की खाद दुकानदार को ही बेच देते हैं। दुकानदार इसी खाद को ब्लैक में बेचकर मोटी कमाई करते हैं।
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