सौंख (मथुरा)। कछला गंगाघाट पर अस्थि विसर्जन के बाद डुबकी लगाते समय मगोर्रा के गांव नगला चिंता निवासी पांच युवक डूब गए। उनके परिवार की महिलाओं ने शोर मचाया तो कई दुकानदार और गोताखोर बचाव के लिए गंगा में कूद गए। उन्होंने चार युवकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, लेकिन एक का पता नहीं चला है। उसकी तलाश में गोताखोर जुटे हुए हैं। पुलिस ने नाविकों को खोजबीन में लगा दिया है। सूचना पर परिजनों में कोहराम मचा हुआ है।
मगोर्रा के गांव नगला चिंता निवासी पूरन सिंह के पिता किशन लाल की विगत 31 मई को मौत हो गई थी। उनकी अस्थियों को विसर्जित करने के लिए पूरन के परिवार के लोगों के साथ बदायूं के कछला गंगा घाट पर सुबह निजी वाहन से पहुंचे। पूरन ने घाट से दूर नाव के जरिए अस्थि विसर्जन किया। इसके बाद महिलाओं के साथ परिवार के सभी लोग पुल के पास स्नान करने लगे। डुबकी लगाते समय कन्हैया (18) पुत्र पूरन डूबने लगा।
यह देख परिवार के ही लोगों में कृष्णा (19) पुत्र गोविंद, सूरज सिंह (20) पुत्र वीरेंद्र सिंह, वीरेंद्र (50) और रोहित (20) पुत्र कुंवरसेन भी आगे बढ़ते चले गए। गहराई अधिक और प्रवाह तेज होने की वजह से पांचों डूबने लगे। परिवार की महिलाओं ने शोर मचाया तो आस-पास के दुकानदार गंगा में बचाने के लिए पहुंच गए।
आवाज सुन कर पहुंचे गोताखोरों ने एक-एक कर कृष्णा, वीरेंद्र, सूरज और रोहित को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। गोताखोरों को कन्हैया कहीं नजर नहीं आया। फिलहाल कन्हैया लापता है। कन्हैया को गोताखोरों ने खोजने का प्रयास कर रहे हैं। सूचना पर परिजनोें में कोहराम मच गया।