प्रथम चरण में यह छटीकरा मार्ग पर वैष्णो देवी मंदिर से शुरू होकर बिहारीजी मंदिर होकर दारुक पार्किंग तक जाएगा। इसके बीच चंद्रोदय मंदिर, मल्टीलेवल पार्किंग, प्रेम मंदिर, इस्कॉन मंदिर, अटल्ला चुंगी तक आठ स्टेशन बनाए जाएंगे। पूरी दूरी में 40 टावर बनाए जाएंगे। पहले चरण में बनने वाला रोप-वे 7.9 किमी लंबा होगा। यह दूरी 4 मीटर प्रति सेकंड की गति से लगभग 32 मिनट में पूरी होगी।
1500 से 2000 व्यक्ति प्रति घंटा सफर तय कर सकेंगे
रोप-वे के जरिए प्रति घंटा 1500 से 2000 व्यक्ति सफर कर सकेंगे। इस तरह प्रतिदिन करीब 12000 लोग रोप-वे के जरिए वृंदावन के विभिन्न मंदिरों तक जा सकेंगे। प्रारंभिक निरीक्षण के बाद ड्रोन सर्वे किया जाएगा। द्वितीय चरण में रामताल पार्किंग और वृंदावन बाईपास तक और तृतीय चरण में मथुरा में बिरला मंदिर, द्वारिकाधीश मंदिर और श्रीकृष्ण जन्मस्थान तक विस्तार किया जाएगा। रोप-वे की ऊंचाई मास्टर प्लान में निर्धारित भवन निर्माण की अनुमति से 10 मीटर ऊंची होगी, ताकि किसी भी प्रकार का व्यवधान पैदा न हो। सीईओ ने बताया कि रोप-वे की प्रस्तावित परियोजना के अमल में आने के बाद श्रद्धालु सड़कों पर भीड़ में फंसने के बजाय आसानी से मंदिर तक पहुंच सकेंगे।
परियोजना पर एक नजर
- छटीकरा मार्ग से लेकर दारुक पार्किंग तक बनेंगे आठ स्टेशन
- 40 टावरों पर टिके रोप-वे के जरिए प्रति घंटे 1500-2000 व्यक्ति कर सकेंगे सफर
- प्रथम चरण में छटीकरा मार्ग पर वैष्णो देवी मंदिर से शुरू होकर दारुक पार्किंग तक जाएगा।
- चंद्रोदय मंदिर, मल्टी लेवल पार्किंग, प्रेम मंदिर इस्कॉन मंदिर, अटल्ला चुंगी तक आठ स्टेशन बनाए जाएंगे।
- मथुरा में बिरला मंदिर, द्वारिकाधीश और श्रीकृष्ण जन्म स्थान तक होगा रोप-वे का विस्तार
- रोप-वे की ऊंचाई मास्टर प्लान में निर्धारित भवन निर्माण की अनुमति से 10 मीटर ऊंची होगी
- प्रथम चरण की प्रस्तावित लंबाई 7.9 किमी है।