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हिस्ट्रीशीटर की हत्या: दिनदहाड़े गोलियों की तड़तड़ाहट, फिर कुल्हाड़ी से काटी गर्दन; देखने वालों की कांप गई रूह

Sun, 26 May 2024 11:46 AM IST
भूपेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद

सार

हिस्ट्रीशीटर की हत्या से क्षेत्र में अभी तक सन्नाटा है। दिनदहाड़े गोलियों की तड़तड़ाहट और फिर कुल्हाड़ी से गर्दन काटी गई। देखने वालों की रूह कांप गई। 
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कमलेश की फाइल फोटो, जांच करती पुलिस - फोटो : संवाद
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में दिनदहाड़े बीच सड़क गोलियों की तड़तड़ाहट ने सभी को सन्न कर दिया। लेकिन, इसके बाद चार लोगों द्वारा कुल्हाड़ी से जिस तरह कमलेश की गर्दन पर कई प्रहार कर उसकी हत्या की गई देखने वालों की रूह कांप गई। हत्या के बाद दो आरोपी एक बाइक से फरार हो गए। जबकि दो आरोपियों को मौके पर मौजूद लोगों ने खेतों में भागते देखा।

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वारदात सिरसागंज थाना क्षेत्र के सोथरा रोड पर दोपहर 2 बजकर 35 मिनट पर हुई। हत्या की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस को मौके से दो कारतूस के खोखे बरामद हुए। वहीं जिस इंडिका गाड़ी से कमलेश की बाइक को टक्कर मारी गई। उसे भी पुलिस ने जब्त कर लिया। फोरेंसिक टीम ने घटना के साक्ष्यों को जब्त कर जांच के लिए भेजा है। 

पहले भी हो चुकीं तीन हत्याएं

फोरेंसिक टीम को मौके से कमलेश का मोबाइल, कुछ रुपये और व्यापार के कागज बरामद हुए। मामले की जानकारी पुलिस को जब हुई तो पता चला कि से नगला खंगर थाना क्षेत्र के गांव नगला गुलाल में 2002 से चली आ रही पुरानी रंजिश के कारण हत्या हुई है। इस रंजिश में पहले भी तीन हत्याएं हो चुकी हैं।

दहशत में क्षेत्र के लोग

सिरसागंज के सोथरा रोड पर लकड़ी व्यापारी कमलेश जब अपने गांव लौट रहा था तभी कार में सवार चोब सिंह, श्रीदयाल, भूरैया पुत्रगण राजवीर सिंह, बृजेश पुत्र श्यामवीर व पप्पू पुत्र राजवीर ने कमलेश की बाइक में टक्कर मार दी। टक्कर लगने से जैसे ही कमलेश नीचे गिरा वैसे ही चारों लोगों ने कमलेश पर फायरिंग शुरू कर दी। जिसमें दो गोली कमलेश को गली। 

वहीं आरोपियों ने कई बार कमलेश की गर्दन पर कुल्हाड़ी से वार किया। कमलेश की निर्मम हत्या का दृश्य देख कर वहां मौजूद लोगों की रूह कांप गई। मौके पर मौजूद लोग जान बचाकर भागते दिखे तो आनन-फानन में आसपास के दुकानदार अपनी दुकानों के शटर बंद कर मौके से भागने लगे। दहशत के कारण आप पास के घरों में महिलाओं ने भी घर के खिड़की दरवाजे बंद कर लिए।

 

कई दिनों से रेकी कर रहा था चोब सिंह

सिरसागंज के सोथरा रोड पर एक गली में रहने वाला चोब सिंह कई दिनों से कमलेश के ऊपर घात लगाए हुए था। घटना स्थल के सामने ही चोब सिंह एक लकड़ी के खोखे पर बैठता था और कमलेश के आने जाने पर पूरी नजर बनाए हुए था। घटना को अंजाम देने के लिये उसने पहले से ही गाडी में कुल्हाडी, फावडा और डंडा रखा हुआ था जिसे फोरेंसिक टीम ने गाड़ी से जब्त कर लिया।

 

2002 से चल रही है दोनों परिवार के बीच खूनी रंजिश

कमलेश और चोब सिंह के परिवार की रंजिश 2002 से चली आ रही है जिसमें सबसे पहले 2002 में कमलेश का विवाद नकुल से हुआ था। कमलेश को पुलिस ने नकुल की हत्या के आरोप में जेल भेज दिया था। वहीं 2003 में कमलेश की मां रामकली की हत्या हुई। तो उसी दिन कमलेश के पक्ष के द्वारा चोब सिंह के पिता राजवीर की हत्या कर दी गई थी। 
 

2007 में दोनों पक्षों के बीच राजीनामा हुआ तो उसके बाद चोब सिंह गांव छोड़कर सिरसागंज में आकर रहने लगा था। वहीं कमलेश भी अपने भाई भूरे के साथ लकड़ी का व्यापार करने लगा था। लेकिन 22 साल बाद एक बार फिर इस खूनी रंजिश का दौर का शुरू होना पुलिस के लिए पहेली बन गया है।

 

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नाले में मिली कुल्हाड़ी

सिरसागंज पुलिस को घटनास्थल के कुछ कदमों की दूरी पर ही एक नाले से कुल्हाड़ी बरामद हुई हैं। पुलिस ने इस कुल्हाड़ी को जांच के लिए भेजा।
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