वरुण बेवरेज (पेप्सी फैक्ट्री) की बाटलिंग मशीन में फंसकर एक मजदूर की मौत के बाद फैक्ट्री में जमकर बवाल हुआ। गुस्साए ग्रामीणों ने फैक्ट्री के अफसरों की भी पिटाई कर दी। फैक्ट्री प्रशासन पर लापरवाही के आरोप लग रहे थे। लोग आपरेटर को मौत का जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। यहां पहुंची पुलिस और पीएसी ने मामले का शांत को कराने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण मुआवजे की मांग पर अड़े रहे। आखिर में कंपनी की तरफ से मुआवजे का चेक दिए जाने के बाद मामला शांत हुआ।
मोहन लाल (32) पुत्र देवी सिंह गांव शहजादपुर, थाना शेरगढ़ गांव दौताना स्थित वरुण बेवरेज (पेप्सी फैक्ट्री) में मजदूर थे। बुधवार सुबह चार बजे वह बाटलिंग प्लांट में मशीन की सफाई कर रहे थे, तभी मशीन चला दी गई। इससे वह मशीन में फंस गए। चीख-पुकार सुनकर मशीन को बंद किया गया, तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
मजदूर की मौत से फैक्ट्री में हड़कंप मच गया। कंपनी के प्रबंधन को इसकी खबर दी गई। पुलिस के आने से पूर्व ही तीन सिक्योरिटी कर्मचारियों ने किसी अधिकारी के निर्देश पर मोहन के शव को मशीन से उतारकर एक बड़ी क्रेट में ठूंसकर यूटिलिटी की तरफ ले जाने लगे। ऐसा देख साथी कर्मचारियों ने विरोध किया तो उनसे झड़प हो गई। विरोध बढ़ता देख मजूदर का शव मशीन के पास ही रहने दिया।
सूचना पर पहुंचे हल्का इंचार्ज सत्यप्रकाश सिंह ने माहौल गर्माता देखा तो अपने वरिष्ठ अफसरों को सूचित कर दिया। इससे भारी पुलिस बल वहां पहुंच गया। इसी बीच हजारों ग्रामीणों ने फैक्ट्री घेर ली। यहां पहुंचे फैक्ट्री के अफसरों से भी हाथापाई की गई।
गुस्साए लोग मुआवजा की मांग कर रहे थे। भाजपा नेता भानुप्रताप सिंह आदि की कंपनी अफसरों से हुई वार्ता के बाद मुआवजा दिए जाने की रजामंदी पर मामला शांत हो सका। चर्चा है कि मृतक केे परिवारीजनों को 20 लाख रुपये का चेक दिया गया। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया है।
जुलाई में भी मर चुका है एक मजदूर
वरुण बेवरेज फैक्ट्री खूनी फैक्ट्री के नाम से मशहूर होती जा रही है। 21 जुलाई 2016 की रात को भी गांव दौताना के गढ़ी माली के दाऊजी (30) पुत्र मेघश्याम की लापरवाही के चलते दर्दनाक मौत हुई थी। प्रबंधन ने इसे मामूली हादसा मानकर छोड़ दिया।