नगर के सप्तदेवालयों में से एक माध्वगौड़ीय संप्रदाय के ठाकुर राधारमणलाल मंदिर में शनिवार को ठाकुरजी का प्राकट्योत्सव मनाया गया। इस अवसर पर विविध धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए गए।
सुबह सेवायत गोस्वामियों ने ठाकुरजी के श्रीविग्रह का मनों दूग्ध, दही, घी, शहद, बूरा और जल से महाभिषेक किया। इसके बाद समाज गायन और मंगल बधाई गीत हुए। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर परिसर में मौजूद रहे।
आराध्य के प्राकट्योत्सव पर हर कोई उनकी एक झलक पाने को आतुर दिख रहा था। भक्तजनों ने ठाकुर राधारमणलाल केअद्भुत सौंदर्य और अनंत माधुर्य की सुंदर झांकी का दर्शन लाभ लिया। इसके बाद सेवायतों ने पंचामृत प्रसाद वितरित किया। शृंगार आरती के दर्शनों के लिए मंदिर में भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
राधारमणलाल के जयकारों से मंदिर परिसर गुंजायमान हो गया। शाम के समय भव्य फूलबंगला सजाया गया। मंदिर को रंग-बिरगे गुब्बारों और झालरों से भव्यता पूर्वक सजाया गया। मंदिर प्रबंधन ने शरबत की प्याऊ लगाई। यहां विदेशी श्रद्धालुओं ने भी दर्शन के लिए आने वाले लोगों की सेवा की।
महाभिषेक अवसर पर मंदिर में सेवायत श्रीवत्स गोस्वामी, पद्मनाभ गोस्वामी, पद्मलोचन गोस्वामी, आलोक गोस्वामी, अनिल गोस्वामी, अनुभूति कृष्ण गोस्वामी, पुलिन गोस्वामी, दिनेश गोस्वामी, शरद गोस्वामी आदि उपस्थित रहे।