वृंदावन। नगर में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान में फार्म जमा करने के बावजूद लोगों को नोटिस दिए जा रहे हैं। प्रमाण के साथ उपस्थित होने की तारीख से एक दिन पहले मिल रहे नोटिस लोगों के लिए सिरदर्द बनते जा रहे हैं। ऐसे में लोग प्रमाण के लिए दस्तावेज भी नहीं जुटा पा रहे हैं। वहीं दस्तावेज जमा करने संबंधी जानकारी के लिए नगर निगम के चक्कर काट रहे हैं।
गौरानगर निवासी निशांत शर्मा के परिवार ने प्रमाण के साथ एसआईआर फार्म जमा किया। इसके बावजूद निशांत को छोड़ उनकी मां सुमन शर्मा समेत चार लोगों को नोटिस जारी कर दिया है। बीएलओ एवं एआरओ उन्हें नोटिस का कारण बताने और उसके लिए किस तरह के दस्तावेज प्रस्तुत करने हैं, नहीं बता पा रहे हैं। ब्रह्मकुंड क्षेत्र निवासी अध्यापिका पूनम गुप्ता ने परिवार के साथ अपना एसआईआर फार्म वर्ष 2003 की मतदाता सूची के साथ बीएलओ को दिया। इसके बावजूद उनको नोटिस मिल गया। वह फिर से अपने दस्तावेज जमा करने के लिए नगर निगम कार्यालय पहुंची। राधानिवास निवासी राहुल नगर निगम वृंदावन जोन के कई चक्कर लगा चुके हैं, लेकिन उन्हें नोटिस के जवाब में कौन सा दस्तावेज प्रस्तुत करना है, यह बताने वाला कोई नहीं है। उन्होंने बताया कि नोटिस देने आए बीएलओ भी सही जवाब नहीं दे पा रहा है। उन्हें वर्ष 2003 की मतदाता सूची भी उपलब्ध नहीं हो रही है।
लोगों का कहना है कि बीएलओ ने नोटिस के लिए न तो संपर्क किया और न ही घर पहुंचाया। लोगों के कार्यालय आने पर नोटिस मिल पा रहे हैं। वहीं बीएलओ मुकेश सैनी और उनके परिवार को भी एसआईआर फार्म भरने के बावजूद नोटिस मिल गए हैं। वे भी कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं।
एसडीएम अभिनव जे जैन ने बताया कि एसआईआर फार्म जमा करने के बाद नोटिस मिलने का कारण कुछ तकनीकी हो सकता है। लोग दोबारा प्रमाणित दस्तावेज देकर नोटिस का जवाब दें। नगर निगम के वृंदावन जोन कार्यालय में लोगों की भीड़ अधिक होने पर व्यवस्था में सुधार के लिए अपर नगर आयुक्त से कहा गया है। जल्द ही सुधार किया जाएगा।