डीएम साहब! शहर का यह हाल भी देख लीजिए। चंद मिनटों की बरसात में ही शहर के नालेे सड़कों पर उफन पडे़। मुख्य मार्गों में बनी दुकानें लबालब हो गईं। हर तरह पानी ही पानी हो गया। इससे जूझते लोग व्यवस्थाओं को कोसते नजर आए।
अभी पिछले सप्ताह ही बरसात ने जिला प्रशासन और पालिका को आइना दिखा दिया था कि शहर की ड्रेनेज व्यवस्था खस्ता हाल है। चंद मिनटों के पानी से ही शहर के नाले और नालियां उफन पड़ते हैं, लेकिन इसका असर सरकारी मशीनरी पर कतई नहीं पड़ा। बरसात खत्म होते ही सभी उफनते नाले और लबालब सड़कों की बदहाली को भूल गए।
गुरुवार को दोपहर करीब तीन बजे एक बार फिर चंद मिनटों की बरसात ने शहर की संपूर्ण ड्रेनेज व्यवस्था की कलई खोल दी। होलीगेट पर चारों ओर पानी भर गया। जनरलगंज का रास्ता दो फीट, छत्ता बाजार में करीब तीन फीट तथा आगरा रोड पर एक से डेढ़ फीट पानी भर गया। सड़कों पर उफन रहे नालों के पानी ने दुकानों में दस्तक दे दी। सबसे बड़ा बुरा हाल क्वालिटी तिराहा से डैंपियर नगर की ओर जाने वाले मार्ग का था। यहां 15 फीट चौड़े नाले पर सरकारी सांठगांठ के तहत कब्जा कर लिया गया है। अब सिर्फ दो फीट नाले से पानी की निकासी हो रही है जो डैंपियर नगर तक दर्जनों दुकानदारों के लिए मुसीबत बन गई है।
इसके अलावा मसानी चौराहा, डीगगेट, भूतेश्वर मार्ग, भूतेश्वर चौराहा, कृष्णा नगर, मसानी रोड की दर्जनों कालोनियां इस बरसात से मुसीबत में आ गई हैं। देर शाम तक पानी की निकासी न हो पाने के कारण लोग घरों से भी नहीं निकल पा रहे हैं। जबकि शहर के तीनों रेलवे पुलों के नीचे जलभराव की समस्या गुरुवार को भी बरकरार रही। पूरा शहर जाम हो गया। लोग जहां के तहां फंस गए। घंटों तक इसके निकलने का इंतजार करते रहे।
तापमान में आई गिरावट
अब दिन के तापमान में लगातार गिरावट दर्ज हो रही है। गुरुवार को अधिकतम तापमान 32 डिग्री रहा तो बीती रात का तापमान 26 डिग्री दर्ज हुआ है।