मथुरा। जातिसूचक शब्दों का प्रयोग और मारपीट कर जान से मारने की धमकी देने वाले सगे भाइयों को विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट डॉ. पल्लवी अग्रवाल ने शुक्रवार को तीन-तीन साल के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दोनों पर 9-9 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
मांट राजा निवासी राजू ने 23 जून 2008 को मांट थाने में अपने पड़ोसी अतर सिंह, सूखा, अमर सिंह एवं आमवती के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई। प्राथमिकी में उन्होंने बताया कि 22 जून को नल से पानी भरने को लेकर अतर सिंह से कहासुनी हो गई। इसी से क्षुब्ध होकर सभी आरोपी लाठी-डंडों से लेस होकर उनके घर में घुस आए और जातिसूचक शब्दों के साथ गाली गलौज करने लगे। विरोध करने पर सभी ने एक राय होकर हमला कर दिया। हमले में राजू और उनके परिजन घायल हो गए।
राजू की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने विवेचना शुरू कर दी। विवेचना में पुलिस ने अमर सिंह एवं आमवती का नाम निकाल दिया और अतर सिंह तथा सूखा के खिलाफ चार्जशीट दायर की। इससे पूर्व पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। यहां से उन्हें जेल भेज दिया। कुछ समय बाद दोनों को कोर्ट से जमानत मिल गई। मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट डॉ. पल्लवी अग्रवाल की कोर्ट में हुई। एडीसीजी क्राइम की दलील, साक्ष्य और गवाहों के आधार पर कोर्ट ने सगे भाइयों को सजा सुनाई है।