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Holi 2024: कब मनाई जाएगी होली? जानिए होलिका दहन... भद्रा का समय और उदया तिथि

Sat, 23 Mar 2024 08:12 PM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला, मथुरा

सार

होलिका दहन के लिए चौराहों पर होलिका सज गई हैं। रविवार सुबह 9:36 बजे से भद्रा काल लग जाएगा। प्रमुख चौराहों पर उपलों की होली बनाकर ऊपर होलिका व भक्त प्रहलाद की प्रतिमा रखी जा रहीं हैं। 
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होलिका दहन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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तीर्थनगरी मथुरा में इन दिनों होली की धूम है। फाल्गुन मास की पूर्णिमा तिथि यानी रविवार को होलिका दहन का पर्व हर्षोल्लास से मनाया जाएगा। लोग इसे छोटी होली भी कहते हैं। इसके लिए प्रमुख चौराहों और मोहल्लों में उपले सजाकर होलिका का रूप दे दिया गया है।

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सुबह से ही महिलाओं का होलिका पूजन के लिए तांता लगा रहेगा। रात्रि में होलिका दहन किया जाएगा। वहीं, बल्लभकुल संप्रदाय में उदया तिथि पूर्णिमा 25 मार्च को मानते हुए सोमवार सुबह होलिका दहन होगा। इस तरह श्रीकृष्ण की नगरी में दो दिन होलिका दहन होगा। 

ज्योतिषाचार्य कामेश्वर चतुर्वेदी ने बताया कि इस वर्ष होलिका दहन पर भद्रा का साया है। इसके कारण होलिका दहन के समय में थोड़ा समय लगेगा। रात्रि 11:12 बजे के बाद होलिका दहन किया जा सकता है। इस समय तक भद्रा काल समाप्त हो चुका होगा। सोमवार को रंग की होली खेली जाएगी।

ज्योतिषाचार्य पं. अजय तैलंग ने बताया कि रविवार सुबह 9:54 बजे पूर्णिमा आरंभ होगी, तभी से भद्रा शुरू हो जाएंगे। बताया कि होलिका दहन का शुभ समय रात्रि 11:13 बजे से 12:29 बजे तक रहेगा। बताया कि बल्लभकुल संप्रदाय वैष्णव जन समाज के लोग 25 मार्च को पूर्णिमा में सूर्योदय होने पर उदया तिथि मानते हुए सुबह करीब 6:30 बजे होलिका प्रदीपन करेंगे।

ज्योतिषाचार्य आलोक ने बताया कि 25 मार्च को इस बार चंद्र ग्रहण सुबह 10:25 मिनट से दोपहर में 3:02 मिनट तक रहेगा लेकिन भारत में यह दिखाई नहीं देगा, इसके चलते कोई सूतक भी मान्य नहीं है।

इस तरह करें होली की पूजा

ज्योतिषाचार्य शरद चतुर्वेदी ने बताया कि सुबह होलिका पूजन करने के लिए पहले दीपक जलाएं, फिर होली पर फूल से पानी छिड़कें, इसके बाद होली पर मौली व कच्चा सूत लपेटें। कुमकुम, अबीर और गुलाल चढ़ाएं, अक्षत, फूल और नारियल अर्पित करें, मिठाई का नैवेद्य लगाकर थोड़ा सा जल चढ़ाएं। अन्य पूजन सामग्री के साथ पहली फसल, गेहूं की बालियां, अनाज, देशी कपूर और गाय के गोबर से बने उपले होलिका में अर्पित करें।
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द्वारिकाधीश मंदिर में कल सुबह होगा होलिका दहन

पुष्टिमार्गीय संप्रदाय के मंदिर ठा. द्वारिकाधीश में 25 मार्च की सुबह 6:15 बजे से 6:30 बजे तक होलिका दहन होगा। विधि प्रभारी राकेश तिवारी एडवोकेट ने बताया कि 25 मार्च को मंगला, ग्वाल, शृंगार के दर्शन समय अनुसार और डोल की पहली झांकी 10 बजे, डोल महोत्सव के विशेष दर्शन दोपहर 1:30 बजे से 2:30 बजे तक होंगे। इसके बाद सेवा चालू रहेगी और शयन के दर्शन शाम 4:30 बजे से 5 बजे तक होंगे।
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